
स्विस नेशनल बैंक (SNB), बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) और यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) के अहम फ़ैसलों से पहले ट्रेडर सतर्क हैं, जिससे बाज़ार का रुख कमज़ोर और अनिश्चित बना हुआ है। फ़ेडरल रिज़र्व (Fed) का हॉकिश ठहराव और ईरान के साथ जारी युद्ध भी इस सतर्कता की वजह हैं। इससे वैश्विक अनिश्चितता और महंगाई के जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं।
फ़ेडरल रिज़र्व (Fed) ने उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरें 3.50%–3.75% पर अपरिवर्तित रखीं, लेकिन उसका कुल संदेश हॉकिश रहा। आर्थिक अनुमानों के सारांश (SEP) के मुताबिक, 2026 और 2027 के लिए केवल दो दर कटौतियों का अनुमान है, जिससे USD को समर्थन मिला। Fed के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने चेतावनी दी कि ऊर्जा की ऊँची कीमतों से निकट भविष्य में महंगाई बढ़ सकती है। उन्होंने साफ़ किया कि दरों में कटौती महंगाई में स्पष्ट प्रगति पर निर्भर करेगी।
Fed के डॉट प्लॉट में दरों के अनुमान 2026 के लिए 3.4% और 2027 के लिए 3.1% पर अपरिवर्तित रहे। महंगाई के अनुमान बढ़ाए गए। व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) महंगाई और कोर PCE, दोनों के अनुमान क्रमशः 2.4% और 2.5% से बढ़कर 2.7% हो गए। वहीं, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि का अनुमान थोड़ा बढ़ाकर 2.3% से 2.4% किया गया, जबकि बेरोज़गारी दर 4.4% पर बनी रही। पॉवेल ने बताया कि महंगाई करीब पाँच साल से लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, टैरिफ़ का असर लंबे समय तक रह सकता है और वस्तुओं तथा आवास को छोड़कर सेवाओं की महंगाई, दोनों अब भी ऊँची हैं। उन्होंने कहा कि निकट अवधि की महंगाई की उम्मीदें बढ़ी हैं, जबकि लंबी अवधि की उम्मीदें स्थिर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों का असर व्यापक महंगाई और कोर महंगाई तक फैल सकता है। रोज़गार पर उन्होंने कहा कि नौकरियों के जोखिम महंगाई के जोखिम से ज़्यादा नहीं हैं।
फ़ैसले के बाद USD मज़बूत हुआ। स्विस फ़्रैंक (CHF), ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) और न्यूज़ीलैंड डॉलर (NZD) के मुक़ाबले इसमें सबसे ज़्यादा बढ़त रही—इनमें से हर करेंसी के मुक़ाबले USD लगभग 1% बढ़ा। कनाडाई डॉलर (CAD) का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा और USD के मुक़ाबले इसमें केवल 0.26% की गिरावट आई।
भू-राजनीतिक जोखिम अब भी बाज़ार को प्रभावित करने वाला एक अहम कारक हैं। मध्य पूर्व का संघर्ष ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक विकास के लिए लगातार ख़तरा बना हुआ है। वैश्विक तेल की खेप के एक अहम मार्ग, होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास की बाधाओं से महंगाई, राजकोषीय दबाव और बाज़ार की अस्थिरता को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं। S&P Global Ratings ने भी चेतावनी दी कि ऐसी बाधाओं से विकास कमज़ोर हो सकता है और बाज़ारों में अस्थिरता बढ़ सकती है।
तनाव और बढ़ गया, जब ईरान ने चेतावनी दी कि हमले जारी रहने पर वह ऊर्जा के बुनियादी ढाँचे को नष्ट कर सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मिले-जुले संकेत—एक ओर संयम और दूसरी ओर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी—और होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए अमेरिकी सेना की संभावित तैनाती की ख़बरों ने भी अनिश्चितता बढ़ाई।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में, बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) ने 8–1 के मतदान से अपनी नीति अपरिवर्तित रखी, हालांकि एक सदस्य ने दर बढ़ाने का समर्थन किया। इससे थोड़ा हॉकिश बदलाव दिखा। जापान ने फ़ॉरेक्स (FX) में सट्टा-आधारित उतार-चढ़ाव के ख़िलाफ़ भी चेतावनी दी और बाज़ार में हस्तक्षेप के विकल्प को खुला रखा।
करेंसी और कमोडिटी बाज़ारों में, दो दिन की गिरावट का सिलसिला थमने के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में नरमी आई। सोना छह हफ़्तों के निचले स्तर से उबरा और सात दिनों में पहली बार दैनिक बढ़त दर्ज की। EURUSD पहले हुए नुकसान से उबरा और तीन हफ़्तों में अपनी पहली साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। हाल की कमज़ोरी के बावजूद GBPUSD में भी ऐसा ही रुझान दिखा। USDJPY जुलाई 2024 के बाद के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँचा, फिर इसमें थोड़ी नरमी आई। पहले तेज़ गिरावट के बाद AUDUSD और NZDUSD में हल्की बढ़त दर्ज हुई, जबकि दो दिन की बढ़त के बाद USDCAD पीछे हटा। पहले की बढ़त के बाद तीन सत्रों में पहली बार तेल में दैनिक गिरावट आई। सोने की वापसी जारी रही। दो दिन की गिरावट के बाद क्रिप्टोकरेंसी में कोई स्पष्ट दिशा नहीं दिखी, जबकि वॉल स्ट्रीट के अनुरूप एशिया-प्रशांत के शेयरों पर दबाव बना रहा।



गुरुवार की शुरुआत में EURUSD में थोड़ी बढ़त आई। एक हफ़्ते की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट के बाद यह उबरा और फ़ेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के हॉकिश ठहराव के संकेत के बाद इसकी लगातार दो दिन की बढ़त का सिलसिला थम गया। इस वापसी को इस उम्मीद से भी समर्थन मिल रहा है कि USD, Fed के बाद की बढ़त को समेकित कर सकता है—खासकर अगर यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) का रुख उम्मीद के मुताबिक हॉकिश रहता है और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति कम होती है।
हालांकि, बुधवार को इस करेंसी पेयर में तेज़ गिरावट आई, जबकि फ़ेडरल रिज़र्व (Fed) ने उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरें अपरिवर्तित रखीं। इसकी मुख्य वजहें Fed चेयरमैन जेरोम पॉवेल की हॉकिश टिप्पणियाँ, FOMC के मज़बूत आर्थिक अनुमान और यूरोपीय संघ (EU) के मिले-जुले आँकड़े थे।
EURUSD की तरह, पहले गिरावट के बाद GBPUSD में भी थोड़ी बढ़त दिखी, जबकि ट्रेडर यूनाइटेड किंगडम (UK) के रोज़गार आँकड़ों और बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) के मौद्रिक नीति फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। हालांकि, कमज़ोर UK आर्थिक परिदृश्य और बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) पर कम भरोसे के चलते केबल में तेज़ वापसी की संभावना कम बनी हुई है।
जापान में, बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) ने उम्मीद के मुताबिक़ बेंचमार्क ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। इससे शुरुआत में USDJPY जुलाई 2024 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचा, लेकिन फिर नीचे आ गया। बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) के गवर्नर काज़ुओ उएदा और अन्य नीति-निर्माताओं की टिप्पणियों से जापानी येन (JPY) को समर्थन देने का मज़बूत रुख़ दिखता है। इससे USDJPY में और गिरावट की उम्मीदें बढ़ी हैं।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD), न्यूज़ीलैंड डॉलर (NZD) और कनाडाई डॉलर (CAD) को मिलाकर एंटिपोडियन कहा जाता है। फ़ेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के फ़ैसले के बाद तेज़ गिरावट के बाद, गुरुवार की शुरुआत में इन करेंसीज़ में मामूली बढ़त दिखी। घरेलू आँकड़े मिले-जुले रहने के बावजूद AUDUSD और NZDUSD में सुधार हुआ। USD में आई गिरावट और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति कम होने से इन्हें समर्थन मिला। USDCAD में भी गिरावट आई। इससे पहले, बैंक ऑफ़ कनाडा (BoC) द्वारा ब्याज दरें स्थिर रखने और कच्चे तेल की क़ीमतें बढ़ने से इसे समर्थन मिला था, हालाँकि आज तेल की क़ीमतें नरम होने लगी हैं।
ऑस्ट्रेलिया की फ़रवरी की रोज़गार रिपोर्ट में कुल रोज़गार वृद्धि मज़बूत दिखी, लेकिन बारीक आँकड़े कमज़ोर रहे। पूर्णकालिक नौकरियाँ कम थीं और बेरोज़गारी दर बढ़कर 4.3% हो गई, जबकि उम्मीद और पिछला आँकड़ा 4.1% था। इसकी मुख्य वजह श्रमबल में भागीदारी बढ़ना थी। हाल की ब्याज दर बढ़ोतरी के बाद भी रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) से सख़्त मौद्रिक रुख़ बनाए रखने की उम्मीद है। मध्य पूर्व के संघर्ष से जुड़े महंगाई के जोखिमों को देखते हुए यह और अहम है। RBA ने चेतावनी दी है कि स्थिति से वैश्विक झटका लग सकता है, जिसमें एसेट की क़ीमतों में तेज़ बदलाव और महंगाई का दबाव फिर से बढ़ना शामिल है।
न्यूज़ीलैंड की आर्थिक वृद्धि उम्मीद से कम रही, जो घरेलू मांग में नरमी का संकेत देती है।
बैंक ऑफ़ कनाडा (BoC) ने उम्मीद के मुताबिक़ ब्याज दरें 2.25% पर स्थिर रखीं, लेकिन अपने दायित्व के दोनों पहलुओं से जुड़े जोखिमों पर ज़ोर दिया। BoC के गवर्नर ने कहा कि अनिश्चितता अब भी अधिक है और जनवरी की मौद्रिक नीति रिपोर्ट (MPR) के बाद से जोखिम बदल गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह एक आर्थिक झटका है, जिसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि यह कितने समय तक रहता है। उनके मुताबिक़, निकट अवधि में महंगाई बढ़ने की उम्मीद है, हालाँकि ऊर्जा की ऊँची क़ीमतों के तेज़ी से अन्य वस्तुओं और सेवाओं तक फैलने का जोखिम सीमित दिखता है। उन्होंने यह भी कहा कि BoC ब्याज दरों के फ़ैसले हर बैठक में अलग-अलग करेगा और ज़रूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए तैयार है।
ऊर्जा के अहम ठिकानों पर हमलों के बाद तेल की क़ीमतों में तेज़ उछाल आया, फिर नरम संकेतों के चलते वे थोड़ी नीचे आईं। हल्की गिरावट से पहले क़ीमतें फिर भी लगभग 3.0% की बढ़त के साथ बंद हुईं। वहीं, एनर्जी इन्फ़ॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) ने बताया कि कच्चे तेल का भंडार 6.156 मिलियन बैरल बढ़ा, जबकि 0.383 मिलियन बैरल की बढ़ोतरी की उम्मीद थी। तेल और गैस के अहम ठिकानों पर हमलों और उसके जवाब में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के बड़े बुनियादी ढाँचों पर हमलों के बाद तनाव बढ़ा। इनमें क़तर का रास लफ़ान हब भी शामिल है, जो वैश्विक LNG आपूर्ति का लगभग 20% देता है। इससे आपूर्ति में व्यापक रुकावटों की चिंता बढ़ी।
सोने की क़ीमतें छह हफ़्ते के निचले स्तर पर आ गईं। लगातार सातवें दिन गिरावट दर्ज हुई। मज़बूत USD और 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) तथा कई दिनों से बने सपोर्ट स्तर के नीचे तकनीकी गिरावट से सोने पर दबाव आया। अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता को लेकर अनिश्चितता और भारत व चीन से जुड़ी चिंताओं ने भी दबाव बढ़ाया। ऊर्जा संकट के बीच ये दोनों दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में शामिल हैं और अमेरिका के साथ इनका तालमेल सीमित है।
सतर्क बाज़ार रुख़, मज़बूत USD और डिजिटल एसेट्स में कमज़ोर भरोसे के चलते Bitcoin (BTC) और Ethereum (ETH) लगातार तीसरे दिन नीचे आए।
इसी दौरान, शेयर बाज़ारों में जोखिम से बचने का रुख़ दिखा। वॉल स्ट्रीट में गिरावट के बाद एशिया-प्रशांत के शेयर भी नीचे आए, जिनमें जापान का निक्केई 2.5% से अधिक गिरा। बढ़ती बॉन्ड यील्ड से अमेरिका के शेयरों पर दबाव पड़ा। Dow Jones Industrial Average (Dow) और Russell 2000 Index में 1.6% की गिरावट आई, Nasdaq Composite Index (Nasdaq) 1.46% नीचे आया और Standard & Poor’s 500 Index (S&P 500) 1.36% गिरा। Nasdaq 22,152.42 पर अपने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज (MA) से नीचे बंद हुआ, जबकि S&P 500 6,624.70 पर अपने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज (MA) से ठीक ऊपर बंद हुआ।
गुरुवार को स्विस नेशनल बैंक (SNB), बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) और यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के मौद्रिक नीति फ़ैसलों के साथ हलचल बढ़ेगी। इसके अलावा, यूनाइटेड किंगडम (UK) के रोज़गार आँकड़े, यूनाइटेड स्टेट्स (US) के बेरोज़गारी दावे और आवास व आर्थिक गतिविधि से जुड़े अन्य छोटे स्तर के संकेतक भी जारी होंगे। ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाइयों और दुनिया की प्रतिक्रियाओं से जुड़े घटनाक्रम, साथ ही तेहरान की ओर से किए गए हमले भी बाज़ारों में हलचल बनाए रख सकते हैं।
फ़ेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के आक्रामक रुख और ईरान से जुड़ी स्थितियों में कोई बदलाव न होने पर, अमेरिका के मज़बूत आर्थिक आँकड़े और बिगड़ता बाज़ार-सेंटिमेंट मिलकर USD में आगे की बढ़त को सहारा दे सकते हैं। यूरोप और यूनाइटेड किंगडम (UK) के केंद्रीय बैंक अगर अपेक्षाकृत नरम या पहले जैसा रुख बनाए रखते हैं, तो इससे USD को अतिरिक्त सहारा मिल सकता है।
इस माहौल से EURUSD और GBPUSD पर और नीचे की ओर दबाव पड़ सकता है। अन्य प्रमुख करेंसी और ऑस्ट्रेलियाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर पर भी दबाव आ सकता है। हालांकि, सोना $4,800 के आसपास के अहम सपोर्ट से उछला है, इसलिए USD में अप्रत्याशित कमज़ोरी से उसे हाल के कुछ नुकसान की भरपाई करने में मदद मिल सकती है। कच्चे तेल और शेयरों में मामूली बढ़त दिख सकती है, जबकि क्रिप्टोकरेंसी में हाल की गिरावट जारी रह सकती है।
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