
मंगलवार को यूक्रेन और रूस के बीच युद्धविराम समझौते, अमेरिका के कमज़ोर आंकड़ों और फ़ेडरल रिज़र्व के आक्रामक रुख की उम्मीदों में कमी से शुरुआत में बाज़ार का रुख बेहतर हुआ। हालांकि, बाद में जोखिम लेने की इच्छा कम हो गई। इसकी वजह राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ़ संबंधी टिप्पणियां और प्रमुख रेटिंग एजेंसियों की ओर से अमेरिकी अर्थव्यवस्था के आउटलुक पर दी गई चेतावनियां थीं।
अमेरिका और रूस ने काला सागर के लिए शांति योजना पर सहमति जताई, लेकिन कंज़्यूमर कॉन्फिडेंस और मैन्युफ़ैक्चरिंग इंडेक्स समेत अमेरिकी आर्थिक आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे, जिससे अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) कमजोर हुआ। ट्रंप की टैरिफ संबंधी बयानबाज़ी और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताओं के बीच DXY ने तीन हफ़्तों के उच्च स्तर के करीब फिर रफ़्तार पकड़ी।
नतीजतन, सोना सपोर्ट से नीचे आया, कच्चे तेल की तेज़ी कम हुई और EURUSD, GBPUSD तथा USDJPY पर दबाव रहा। हालांकि, AUDUSD, NZDUSD और USDCAD में मिला-जुला उतार-चढ़ाव देखा गया। BTCUSD और ETHUSD जैसी क्रिप्टोकरेंसी में भी पिछली तेज़ बढ़त के बाद ठहराव आया। शेयरों में मामूली बढ़त रही, जबकि बॉन्ड बाज़ार स्थिर रहे।
EURUSD में लगातार पांच दिनों तक गिरावट आई। US Dollar की रिकवरी, ECB अधिकारियों द्वारा दरों में कटौती का बचाव और जर्मनी के कमजोर IFO सेंटीमेंट ने इस पर दबाव डाला। यूक्रेन-रूस युद्धविराम को लेकर चिंता और अमेरिका के टैरिफ संबंधी चिंताओं से यूरो पर अतिरिक्त गिरावट का दबाव भी पड़ा।
इस बीच, बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) के गवर्नर की टिप्पणियों से USDJPY में बिकवाली करने वालों को समर्थन नहीं मिला। उनका रुख नरम बना रहा और महंगाई की चिंताओं के बावजूद उन्होंने संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी की मज़बूत पुष्टि नहीं की। हालांकि, अमेरिकी डॉलर की रिकवरी और येन को समर्थन देने के जापान के प्रयासों की उम्मीदों से, पहले आई गिरावट के बाद USDJPY फिर तीन हफ़्ते के उच्च स्तर के करीब पहुंच गया।
मिले-जुले UK महंगाई आंकड़ों के कारण बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) के गवर्नर एंड्रयू बेली के हालिया आशावादी बयानों पर संदेह पैदा हुआ और GBPUSD में तीन दिनों में पहली बार दैनिक गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा, UK के स्प्रिंग बजट में खर्च में बड़ी कटौती की उम्मीदों ने पाउंड पर दबाव और बढ़ा दिया। कुल मिलाकर, बाजार का रुख सतर्क बना हुआ है। जारी ट्रेड और राजनीतिक चुनौतियों के बीच UK की विकास दर को बनाए रखने की क्षमता को लेकर चिंताएं भी मुद्रा पर दबाव डाल रही हैं।
अमेरिकी डॉलर में आई तेजी के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई, न्यूज़ीलैंड और कनाडाई डॉलर अपनी हालिया बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहे। चीन के प्रोत्साहन उपायों को लेकर आशावाद और अमेरिका के व्यापारिक टैरिफ़ में थोड़ी राहत की उम्मीद ने इन्हें समर्थन दिया। ऑस्ट्रेलिया के मासिक CPI ने AUDUSD को अतिरिक्त मजबूती दी और इसकी लगातार तीन दिन की तेजी को आगे बढ़ाने में मदद की। इसी तरह, किसी बड़े घरेलू कारक के अभाव के बावजूद NZDUSD लगातार दूसरे दिन बढ़ा।
इस बीच, USDCAD में लगातार तीसरे दिन गिरावट जारी रही। अमेरिका के पारस्परिक व्यापार टैरिफ़ पर अधिक नरम रुख अपनाने की चिंताओं के चलते इसने कच्चे तेल की कमजोर कीमतों—जो कनाडा का प्रमुख निर्यात है—को नज़रअंदाज़ किया।



सोना $3,008 के आसपास बने अहम सपोर्ट ज़ोन से पिछले दिन की रिकवरी को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है। इस ज़ोन में 11 महीने पुराना पिछला रेज़िस्टेंस और 9-दिन का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) शामिल है। इसी तरह, मंगलवार को डोजी कैंडल बनने के बाद कच्चे तेल की दिशा भी स्पष्ट नहीं है। रूस-यूक्रेन युद्धविराम से सप्लाई में भारी कमी की आशंकाएँ कम हुई हैं, लेकिन अमेरिकी डॉलर की रिकवरी और API के आँकड़ों के मुताबिक अमेरिकी इन्वेंटरी में उम्मीद से ज़्यादा गिरावट के साथ इन कारकों की खींचतान हाल के दिनों में सोने और कच्चे तेल की कीमतों को चुनौती दे रही है। हालांकि, बाज़ार की अनिश्चितता सोना खरीदारों को फिर से नियंत्रण हासिल करने में मदद कर सकती है, अगर अमेरिकी डॉलर की रिकवरी कमज़ोर पड़ती है। दूसरी ओर, OPEC+ की ओर से सप्लाई बढ़ने की चिंताओं और आधिकारिक अमेरिकी कच्चे तेल की इन्वेंटरी में संभावित बढ़ोतरी से कच्चे तेल पर नीचे की ओर दबाव पड़ सकता है।
क्रिप्टोकरेंसी के लिए Trump के "Liberation Day" के करीब आने और Bitcoin (BTCUSD) तथा Ethereum (ETHUSD) ETFs से जुड़ी मिली-जुली खबरों के कारण ट्रेडर्स के बीच अनिश्चितता बढ़ रही है। संस्थागत दिलचस्पी को लेकर स्थिति साफ़ नहीं है। बढ़ते व्यापारिक और राजनीतिक तनाव के बीच Trump की उद्योग के हितों की रक्षा करने की क्षमता पर संदेह भी दबाव बढ़ा रहा है। नतीजतन, BTCUSD में मामूली बढ़त दर्ज हो रही है और मंगलवार की Doji कैंडलस्टिक का असर पीछे छूट गया है। वहीं, तीन दिन की लगातार बढ़त का सिलसिला खत्म होने के बाद ETHUSD पर दबाव बना हुआ है।
पहले के आशावाद के स्थिर होने और ब्रिटेन के महंगाई डेटा के मिले-जुले रहने के बाद, ट्रेडर्स अब आगे की दिशा के लिए ब्रिटेन के स्प्रिंग बजट और अमेरिकी टिकाऊ वस्तुओं के ऑर्डर पर ध्यान दे रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिकी टैरिफ, रूस-यूक्रेन युद्धविराम और अमेरिका, यूरोप व ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक अधिकारियों के भाषणों से जुड़े घटनाक्रम मोमेंटम ट्रेडर्स को व्यस्त रखेंगे।
ब्रिटेन में संभावित सरकारी खर्च कटौती और कमजोर महंगाई GBPUSD पर दबाव डाल सकती है। हालांकि, निराशाजनक आंकड़ों और बेहतर जोखिम उठाने की क्षमता के कारण अमेरिकी डॉलर की रिकवरी कमजोर पड़ती है, तो यह दबाव कम हो सकता है। EURUSD पर नीचे की ओर दबाव जारी रह सकता है, जबकि ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर के साथ क्रूड ऑयल में भी गिरावट आ सकती है। बाजार का मिला-जुला रुख बना रहने से USDJPY के खरीदार कुछ समय के लिए रुक सकते हैं।
बाज़ार की अनिश्चितता के बीच सोने में तेज़ी जारी रह सकती है, जिससे क्रिप्टोकरेंसी और इक्विटी के प्रति बाज़ार का रुझान कमज़ोर पड़ सकता है। हालांकि, अमेरिकी डॉलर की मज़बूती मुख्य रूप से शुक्रवार को जारी होने वाले अमेरिकी कोर PCE प्राइस इंडेक्स पर निर्भर करेगी। यह महंगाई का वह संकेतक है जिसे फ़ेड प्राथमिकता देता है, और इससे पहले जारी होने वाले किसी भी आंकड़े से ज़्यादा अहम होगा।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!