
गुरुवार बाज़ारों के लिए अहम दिन साबित हुआ। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा जवाबी कार्रवाई न करने वाले देशों को 90 दिनों की राहत देने के बावजूद, ट्रेडर्स टैरिफ को लेकर बनी चिंताओं से जूझते रहे। निराशाजनक अमेरिकी महंगाई आंकड़ों और टैरिफ से अमेरिकी आर्थिक विकास धीमा पड़ने की बढ़ती आशंकाओं के बीच आशावाद तेज़ी से कम हुआ। इस अटकल से बाज़ार की चिंता और बढ़ गई कि ट्रंप फेडरल रिज़र्व के अधिकारियों को हटाने के करीब पहुंच रहे हैं और खबरों के मुताबिक चेयरमैन जेरोम पॉवेल उनकी सूची में सबसे ऊपर हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और संभावित अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध को लेकर बढ़ती बेचैनी ने जोखिम से बचने की भावना को और बढ़ाया, जिससे निवेशक सतर्क रहे।
जोखिम से बचने के माहौल के बावजूद, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में तेज़ गिरावट आई, जिससे प्रमुख करेंसी में रोज़ाना बढ़त दर्ज हुई। वहीं, निवेशकों के सुरक्षित ठिकाने तलाशने के बीच स्विस फ़्रैंक (CHF), जापानी येन (JPY) और सोने जैसी पारंपरिक सेफ़-हेवन एसेट्स में तेज़ी आई। इसके उलट, क्रूड ऑयल, इक्विटी और क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट रही।
DXY जुलाई 2023 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंचा। EU-US व्यापार समझौते को लेकर आशावाद के साथ इसने EURUSD को 26 महीनों के उच्च स्तर तक पहुंचाया। दोनों पक्षों ने जवाबी टैरिफ़ रोक दिए और व्यापार वार्ता फिर शुरू की, जिससे इस करेंसी पेयर में बढ़त आई। हालांकि, चीन के निर्यात का रुख़ बदलने पर अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर का असर यूरोप तक फैलने की आशंका और ECB का डविश रुख़, यूरो में तेजी की उम्मीद रखने वाले ट्रेडर्स की परीक्षा ले रहे हैं।
इसी क्रम में, UK-US व्यापार समझौते की उम्मीदों से GBPUSD की तेजी आगे बढ़ी। ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो की टिप्पणियों और अमेरिकी डॉलर में नरमी ने भी इसे सहारा दिया। हालांकि, BoE की सारा ब्रीडन की सतर्क टिप्पणियों—जिनमें उन्होंने UK के आर्थिक परिदृश्य के लिए बड़े जोखिमों का जिक्र किया—और UK के मिले-जुले आंकड़ों ने ब्रिटिश पाउंड (GBP) की साप्ताहिक ऊंचाई पर बढ़त को सीमित रखा।
इस बीच, USDJPY में जनवरी 2023 के बाद की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट आई। व्यापक रूप से USD की कमजोरी और सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से इस पर दबाव पड़ा। इस जोड़ी पर जापान में संभावित टैक्स कटौती, मुद्रा बाज़ार में संभावित दखल और BoJ के सख्त रुख का भी असर पड़ा।
गुरुवार को US Dollar की कमजोरी से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, न्यूज़ीलैंड डॉलर और कनाडाई डॉलर को सहारा मिला। हालांकि, US-China व्यापार युद्ध की बढ़ती आशंकाओं और वैश्विक विकास को लेकर चिंताओं ने AUDUSD और NZDUSD की बढ़त सीमित की, जबकि बाद में USDCAD में मंदी की पोज़िशन रखने वाले ट्रेडरों की परीक्षा ली। शुक्रवार की शुरुआत में क्रूड ऑयल की कमजोरी और RBA, RBNZ तथा BoC को लेकर नरम रुख की चिंताओं के बीच इन पेयर्स के सामने नई बाधाएं आईं।
सोने की लगातार चार दिनों की बढ़त जारी है। हफ़्ते की शुरुआत में हुए नुकसान की भरपाई करते हुए, यह $3,220 के करीब नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया। इस उछाल के पीछे अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी, सुरक्षित निवेश की बढ़ी माँग, चीन की ओर से बढ़ी खरीदारी और खपत बढ़ाने के लिए बीजिंग से और प्रोत्साहन मिलने की उम्मीदें हैं। Federal Reserve और अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के नरम रुख़ के संकेतों के साथ-साथ, वैश्विक स्तर पर सोने की आपूर्ति घटने की चिंताओं ने भी इस तेज़ी को बल दिया।
कई वर्षों के निचले स्तर से हफ़्ते के बीच में हुई रिकवरी के बाद क्रूड ऑयल फिर गिरा। कमज़ोर अमेरिकी डॉलर के बावजूद बिटकॉइन (BTCUSD) और एथेरियम (ETHUSD) भी नीचे बंद हुए, क्योंकि जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और आपूर्ति-मांग को लेकर चिंताओं ने बाज़ार के रुख पर दबाव डाला। हालांकि, शुक्रवार की शुरुआत में क्रिप्टो में हल्की रिकवरी हुई और तेल की बिकवाली थमी। बाज़ार में स्थिरता और ट्रंप द्वारा अमेरिकी क्रिप्टो नियमन विधेयक पर हस्ताक्षर करके उसे कानून बनाने से इन्हें सहारा मिला।



शुक्रवार के आर्थिक कैलेंडर में UK का NIESR GDP अनुमान, US PPI, मिशिगन यूनिवर्सिटी का कंज़्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स और महँगाई की उम्मीदें शामिल हैं। इसके अलावा ECB, Fed और BoE के अधिकारियों के भाषण भी होंगे। हालांकि, वैश्विक स्तर पर ट्रेड वॉर के असर की चिंताओं और Fed पर Trump के प्रभाव को लेकर अटकलों के बीच टैरिफ से जुड़े घटनाक्रम और बाजार का बदलता रुख़ चर्चा में बने रहेंगे। अगर US के आँकड़े उम्मीद से कमज़ोर आते हैं और व्यापारिक तनाव जारी रहता है, तो US Dollar और कमज़ोर हो सकता है, जिससे Gold, JPY, CHF और अन्य प्रमुख करेंसी को बढ़ावा मिल सकता है। इसके उलट, क्रूड ऑयल, क्रिप्टोकरेंसी और इक्विटी पर दबाव आ सकता है, जबकि बॉन्ड यील्ड में हल्की बढ़त की संभावना है।
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