
मंगलवार की शुरुआत में बाज़ार का रुझान बेहतर हुआ। अमेरिकी आंकड़ों के नरम रहने के साथ अधिकारियों की चीन-अमेरिका वार्ता पर सकारात्मक टिप्पणियाँ भी आईं। अमेरिकी आंकड़ों की नरमी सतर्क आशावाद को और मज़बूत कर सकती है। हालांकि, रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) ने एक और सख़्त कदम उठाकर ट्रेडरों को चौंका दिया और AUDUSD को G10 करेंसी पेयर्स में सबसे ज़्यादा बढ़त दर्ज करने की दिशा में आगे बढ़ाया।
अमेरिका-चीन से जुड़ी सुर्खियों और RBA द्वारा ब्याज दर में 0.25% की बढ़ोतरी के अलावा, ऑस्ट्रेलिया के सकारात्मक आँकड़े और अमेरिका के कमजोर PMI आँकड़े भी मंगलवार को AUDUSD की कीमत को बढ़ाने वाले कारण थे।
दूसरी ओर, Fed की आक्रामक नीति को लेकर घटती उम्मीदों से अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेज़री बॉन्ड यील्ड पर दबाव है, जबकि एशिया-प्रशांत के शेयर बाज़ारों पर दबाव बना हुआ है।
दूसरी ओर, जर्मनी के कमज़ोर फ़ैक्टरी ऑर्डर और ECB की सख़्त रुख वाली टिप्पणियां EURUSD को सीमित दायरे में रख रही हैं।
ध्यान देने वाली बात है कि अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी और सतर्क आशावाद भी क्रिप्टोकरेंसी को उत्साहित नहीं कर पाए, क्योंकि वे अमेरिकी SEC से लगे घावों से उबर रही हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



अमेरिका के कई कमजोर आर्थिक आंकड़ों से अमेरिकी डॉलर के बेयर्स को उम्मीद बनी हुई है। इसकी वजह Fed की नीति में बदलाव की उम्मीदें हैं, जबकि FOMC से पहले की ब्लैकआउट अवधि के कारण Federal Reserve (Fed) के अधिकारी बयान नहीं दे रहे हैं। अमेरिका और चीन के नीति-निर्माताओं के सकारात्मक बातचीत का ज़िक्र करने से जोखिम लेने की इच्छा में आई हल्की बढ़त भी डॉलर पर दबाव डाल सकती है। इसके अलावा, मंदी की चिंताएं कम होने के बीच यील्ड में कमजोरी से USD कमजोर बना हुआ है।
अमेरिकी डॉलर की कमजोरी से प्रमुख करेंसी पेयर्स में पिछले सप्ताह की सुधारात्मक चाल आगे बढ़ी। RBA की आक्रामक कार्रवाई ने AUDUSD को सहारा दिया, जबकि जर्मनी के कमजोर आंकड़ों ने EURUSD ट्रेडर्स को सतर्क कर दिया। हालांकि, ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताओं, खासकर ऊंची महंगाई, के बीच GBPUSD भी अमेरिकी डॉलर की कमजोरी से फायदा उठाने में नाकाम रहा।
फिर भी, अमेरिकी SEC की ओर से Coinbase और उसके प्रमुख के खिलाफ़ दाख़िल मामले के बाद क्रिप्टोकरेंसी एक महीने से ज़्यादा समय की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट से उबरने के लिए संघर्ष कर रही हैं। इसकी वजह Coinbase के समर्थन में क्रिप्टो उद्योग के नेताओं की सहानुभूति और अमेरिकी डॉलर की नरमी भी हो सकती है।
दूसरे दर्जे के यूरोपीय संघ के आंकड़ों को छोड़ दें, तो मंगलवार के आर्थिक कैलेंडर में कोई खास डेटा नहीं दिख रहा है। ऐसे में कारोबारी सत्र में खास हलचल रहने की संभावना नहीं है। हालांकि, मिले-जुले बाजार रुझान और फ़ेड की ब्याज दर बढ़ाने की संभावना कम होने से अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना रह सकता है, जब तक कि बैंकिंग क्षेत्र से हाल में आई निराशाजनक खबरों का असर न बढ़े।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!