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ट्रेडर सप्ताह की शुरुआत के आशावाद को बनाए हुए हैं। चीन से मिल रही खबरें मिली-जुली हैं और वे इस सप्ताह के अहम इवेंट—फेड चेयर पॉवेल की गवाही—का इंतज़ार कर रहे हैं। इसकी प्रमुख वजहों में अमेरिकी ट्रेज़री बॉन्ड यील्ड में गिरावट, चीन से और प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद और बीजिंग के ज्यादातर सकारात्मक विदेशी व्यापार आंकड़े शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अमेरिका-चीन के बीच नए तनाव की आशंका, अमेरिका के बेहतर फैक्टरी ऑर्डर और इवेंट से पहले की चिंता ने ट्रेडरों को पूरी तरह जोखिम लेने के मूड में आने से रोका।
इससे अमेरिकी डॉलर दबाव में बना हुआ है और कमोडिटी तथा ऑस्ट्रेलियाई-न्यूज़ीलैंड डॉलर को धीरे-धीरे मज़बूती मिली है। हालांकि, RBA की डविश दर बढ़ोतरी के बीच AUDUSD गिरा, जबकि NZDUSD ने चीन-अमेरिका के बीच नए तनाव की आशंकाओं को नज़रअंदाज़ किया और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले G10 करेंसी पेयर्स में बुल्स की अगुवाई की।
US डॉलर की कमजोरी और मिले-जुले सेंटीमेंट के बीच USDCHF दूसरे सबसे बड़े गेनर के रूप में दिख रहा है। वहीं, ब्रेक्ज़िट को लेकर आशावाद के सहारे GBPUSD में भी मामूली बढ़त दर्ज हुई।
इसके अलावा, सोने और कच्चे तेल की कीमतों में भी मामूली बढ़त दिख रही है, लेकिन चीन से जुड़ी खबरें कमोडिटी के बुल के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
वॉल्यूम प्रोफ़ाइल में गिरावट के बावजूद ETHUSD में आधा प्रतिशत की बढ़त है, जबकि BTCUSD लगातार चौथे दिन भी अनिश्चित बना हुआ है।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



सोमवार को बाजार में आशावादी रुख देखने के बाद, बड़े अहम इवेंट नजदीक आने से ट्रेडर्स सतर्क हो गए हैं। चीन से जुड़ी खबरों के मिले-जुले संकेत बाजार की अनिश्चितता को और बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, अमेरिका के मजबूत डेटा को फेड की सख्त टिप्पणियों से समर्थन नहीं मिला, इसलिए नीतिगत बदलाव की आशंकाओं से डॉलर पर दबाव पड़ा। हालांकि, मंदी की चिंताएं और प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रखने की उम्मीद, हालिया गिरावट के बावजूद, ट्रेज़री बॉन्ड यील्ड को ऊंचा बनाए हुए हैं।
कमोडिटी ट्रेडरों को उम्मीद है कि चीन की वापसी केंद्रीय बैंकों की सख्त नीतियों पर भारी पड़ सकती है, इसलिए वे सावधानी से खरीदारी कर रहे हैं। फिर भी, फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन Jerome Powell नरम रुख के लिए नहीं जाने जाते। ऐसे में यह आशंका बनी हुई है कि नीति-निर्माता उनकी सख्त रुख वाली टिप्पणियों को दोहरा सकते हैं, जिससे बाज़ार की आशंकाएं फिर बढ़ सकती हैं और अमेरिकी डॉलर में तेजी आ सकती है।
महंगाई के चरम पर पहुंचने की आशंकाओं और सुस्त आर्थिक गतिविधियों के बीच, AUDUSD को न तो RBA की 10वीं दर बढ़ोतरी से और न ही ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बानीज़ की सकारात्मक टिप्पणियों से खास बढ़त मिली। दूसरी ओर, NZDUSD ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के आशावादी माहौल से संकेत लेकर बुल्स को उत्साहित किया।
नियामकीय चिंताओं और उद्योग के बड़े खिलाड़ियों की कार्रवाई के दबाव में क्रिप्टोकरेंसी अनिश्चित दौर में हैं, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम प्रभावित हो रहा है।
ट्रेडर्स को सीनेट बैंकिंग समिति के सामने फ़ेड चेयर पॉवेल की गवाही पर करीबी नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि नीति-निर्माता साल में दो बार जारी होने वाले आक्रामक मौद्रिक नीति आउटलुक का बचाव करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, अमेरिका के हालिया आंकड़े इस रुख का समर्थन नहीं करते, इसलिए USD में गिरावट की आशंका बनी हुई है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!