
ऑस्ट्रेलिया की महंगाई दर के मजबूत आंकड़ों और अमेरिकी डॉलर की सुस्ती ने बुधवार की शुरुआत में AUDUSD को लगभग 1.0% की बढ़त देने में मदद की। न्यूज़ीलैंड के चौथी तिमाही (Q4) के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े भी उम्मीद से बेहतर रहे, लेकिन खरीदारों को आकर्षित नहीं कर पाए। न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री ने चिंता जताई कि बढ़ती महंगाई से अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है।
ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के महंगाई आंकड़ों को छोड़कर कोई अन्य बड़ा उत्प्रेरक नहीं था। इसी वजह से बाज़ार की हलचल सीमित रही, जबकि ट्रेडर अमेरिका की चौथी तिमाही की GDP का इंतज़ार कर रहे थे। ध्यान देने वाली बात है कि PMI के मिले-जुले आंकड़ों और अगले सप्ताह होने वाली प्रमुख केंद्रीय बैंक बैठक से पहले की सतर्कता ने भी ट्रेडिंग की गतिविधियों को सीमित रखा।
अमेरिकी डॉलर की आगे की गिरावट पर विराम लगने से कमोडिटीज़ को हालिया बढ़त समेटने का मौका मिला। इस बीच, गोल्ड की कीमत पीछे हटी और ब्रेंट ऑयल की कीमत भी कमज़ोर बनी रही।
वहीं, BTCUSD सीमित दायरे में बना हुआ है, जबकि पांच सप्ताह की सबसे बड़ी गिरावट के बाद ETHUSD संभलने की कोशिश कर रहा है।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



ऑस्ट्रेलिया के तिमाही CPI और RBA Trimmed Mean CPI के साथ-साथ मासिक मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक के अगले कदम को लेकर सख्त रुख के दांव को मज़बूत किया। दूसरी ओर, मज़बूत CPI के बावजूद RBNZ की स्थिति उतनी अनुकूल नहीं दिखती। न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री ने आगे आर्थिक मुश्किलों का ज़िक्र किया है, जिससे आने वाले समय में RBNZ के सख्त रुख वाले नीति-निर्माताओं की परीक्षा हो सकती है।
BoJ के नए प्रमुख और विस्तारवादी मौद्रिक नीति से बाहर निकलने की संभावना को लेकर चल रही चर्चाओं से USDJPY पर दबाव नहीं पड़ा। इसी तरह, BoE की संभावित दर बढ़ोतरी की बाजार की उम्मीदों से GBPUSD को भी समर्थन नहीं मिला।
ध्यान देने वाली बात है कि अमेरिकी डॉलर की आगे की गिरावट थमने और प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों ने सोने के खरीदारों की परीक्षा ली। दूसरी ओर, आपूर्ति से जुड़ी चिंताओं के कारण कच्चे तेल में खरीदारों की दिलचस्पी सीमित रही।
बॉन्ड यील्ड में खास हलचल नहीं है, लेकिन अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में मामूली गिरावट दिख रही है। वहीं, एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयरों में मिला-जुला कारोबार हो रहा है।
कमज़ोर बाज़ार भावना के बीच और कंपनियों के दिवालिया होने की आशंकाएँ फिर उभरने से क्रिप्टोकरेंसी स्पष्ट दिशा तलाश रही हैं।
बुधवार की शुरुआत धीमी रहने और उससे पहले का दिन सक्रिय रहने के बाद, GDP से पहले की अनिश्चितता और बड़े डेटा/घटनाओं की कमी के चलते आगे का दिन सुस्त रह सकता है। नतीजतन, अमेरिकी डॉलर अपनी हालिया गिरावट के कुछ हिस्से को संभाल सकता है और कमोडिटीज़ के साथ-साथ ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर पर भी नीचे की ओर दबाव डाल सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!