
जापान में छुट्टी और फ़ेड से पहले की ब्लैकआउट अवधि ने सोमवार को बाज़ार की चाल सीमित रखी। इससे अमेरिकी डॉलर को कई दिनों के निचले स्तर से पिछले दिन की सुधारात्मक उछाल को बनाए रखने में मदद मिली। खासकर, अमेरिका के उम्मीद से बेहतर सेकंड-टियर डेटा ने फ़ेडरल रिज़र्व की ओर से आक्रामक रुख की उम्मीदों को फिर से बढ़ा दिया।
हालांकि, चीन की कमजोर विकास दर के आंकड़े और चीन-अमेरिका से जुड़ी सुर्खियां मिलकर बाजार की धारणा पर दबाव डालती हैं। इससे जोखिम भरी एसेट्स और कमोडिटीज़ पर भी दबाव पड़ता है।
ध्यान देने वाली बात है कि चीन से जुड़ी खबरों के साथ लीबिया में तेल उत्पादन बढ़ने की आशंकाएं भी जुड़ गई हैं। एक प्रमुख रिग दोबारा शुरू होने से Brent Oil और WTI कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव पड़ा है। वहीं, पिछले दिन महीने के उच्चतम स्तर से नीचे आने के बाद सोने की कीमत पर भी दबाव बना हुआ है।
चीन के कमजोर GDP आंकड़ों के साथ ऑस्ट्रेलिया के कोषाध्यक्ष की टिप्पणियों ने भी ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था की मुश्किलों की ओर इशारा किया, जिससे AUDUSD में सबसे ज्यादा गिरावट आई। दूसरी ओर, GBPUSD और USDCAD में कुल मिलाकर खास बदलाव नहीं दिखा। वहीं, सुस्त बाजारों के बीच अमेरिकी डॉलर की वापसी को नज़रअंदाज़ करते हुए USDCHF ने बाकी रुझान से उलट चाल दिखाई।
वहीं, अमेरिकी डॉलर में अनिश्चितता और क्रिप्टो नियमन की आशंकाओं के बीच BTCUSD और ETHUSD लगातार चार दिनों में पहली बार मिली दैनिक बढ़त को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



अमेरिकी डॉलर में मामूली बढ़त है और चीन के आंकड़े दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की वृद्धि को लेकर चिंताओं की पुष्टि करते हैं। फिर भी, सोमवार को जापान में छुट्टी के कारण बाज़ार में खास हलचल नहीं है। जुलाई के आखिर में होने वाली FOMC बैठक से पहले Fed अधिकारियों की गैरमौजूदगी भी बाज़ार को सुस्त रख सकती है।
इसके अलावा, चीन की दूसरी तिमाही की GDP वृद्धि धीमी हुई। औद्योगिक उत्पादन और अमेरिका-चीन संबंधों में हालिया बदलावों को लेकर भी ट्रेडर चिंतित हैं। वॉशिंगटन के बीजिंग के साथ आर्थिक साझेदारियाँ बहाल करने के बार-बार के प्रयासों के बीच, वे कोई बड़ा कदम उठाने से पहले और संकेतों का इंतज़ार कर रहे हैं। साथ ही, इस हफ़्ते के US Retail Sales और ऑस्ट्रेलिया तथा UK के अहम आँकड़ों से पहले का सतर्क माहौल भी मोमेंटम ट्रेडरों की रफ़्तार पर असर डाल रहा है।
यह ध्यान देने योग्य है कि Ripple और Coinbase को अमेरिकी SEC के खिलाफ फिलहाल बढ़त मिलने को लेकर संदेह, क्रिप्टोकरेंसी के आशावादी लोगों के लिए चुनौती बना हुआ है।
जून का न्यूयॉर्क एम्पायर स्टेट मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स और ECB अध्यक्ष क्रिस्टीन लागार्ड का भाषण बाज़ार के प्रतिभागियों का ध्यान खींचेंगे। इनका ऐलान ऐसे समय होगा, जब सुस्त रहने की आशंका वाले हफ़्ते की शुरुआत भी धीमी रह सकती है। अगर अमेरिकी आँकड़े सकारात्मक आते हैं, तो अमेरिकी डॉलर की हालिया रिकवरी आगे बढ़ सकती है। वहीं, ECB की लागार्ड के सख़्त रुख वाले बयानों से यूरो खरीदारों की दिलचस्पी फिर जगाने के लिए यूरोपीय आयोग के आर्थिक पूर्वानुमानों से पुष्टि की ज़रूरत होगी।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!