
महीने की शुरुआत में बना जोखिम लेने का रुझान, महंगाई बढ़ने की नई आशंकाओं और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की ओर से और दरें बढ़ाए जाने की संभावना के बीच कायम नहीं रह सका। अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते तनाव और बीजिंग की संभावित आर्थिक रिकवरी को लेकर घटती उम्मीदों की खबरें भी नकारात्मक सेंटीमेंट को बढ़ा सकती हैं।
जोखिम का कमज़ोर रुझान और अमेरिका की मैन्युफ़ैक्चरिंग गतिविधियों के मज़बूत आँकड़े मिलकर अमेरिकी डॉलर की रिकवरी को सहारा दे रहे हैं। इससे कमोडिटीज़ और ऑस्ट्रेलियाई तथा न्यूज़ीलैंड डॉलर पर गिरावट का दबाव पड़ रहा है। वहीं, यूरो क्षेत्र में मंदी की आशंकाओं के कारण EURUSD पर अतिरिक्त दबाव रहा। इसके अलावा, चीन और जोखिम भरी परिसंपत्तियों से जुड़ाव के चलते AUDUSD और NZDUSD में G10 करेंसी पेयर्स में सबसे ज़्यादा गिरावट आई। ध्यान देने योग्य है कि जापान के कमज़ोर आँकड़े और अमेरिकी ट्रेज़री बॉन्ड की ऊँची यील्ड USDJPY को ऊपर ले जा रही हैं।
दूसरी ओर, सोने की कीमत में तीन दिनों में पहली दैनिक गिरावट दर्ज हुई, जबकि कच्चे तेल की दो दिनों की रिकवरी थम गई। वहीं, खबर लिखे जाने तक BTCUSD और ETHUSD ने पिछले दिन की बढ़त गंवा दी।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



मार्च की शुरुआत में उम्मीद की किरणें नजर आने के बाद, बाजार जोखिम से बचने की अधिक तर्कसंगत राह पर लौट आए। प्रमुख केंद्रीय बैंकरों ने महंगाई की चिंताओं को फिर बढ़ाया और ब्याज दरों में और बढ़ोतरी के लिए तैयार दिखे। जोखिम से बचने के माहौल को और हवा देने वाली खबरों में अमेरिका-चीन और रूस-यूक्रेन के तनाव से राहत न मिलने के संकेत, साथ ही UK और Australia में आर्थिक मंदी की आशंकाएं शामिल हैं।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए, अमेरिकी ट्रेज़री बॉन्ड की प्रमुख यील्ड ने अहम ऊपरी स्तरों को पार कर कई महीनों के नए उच्च स्तर बनाए। इसके साथ ही, अमेरिका से आए सकारात्मक आंकड़ों ने अमेरिकी डॉलर की खरीदारी को फिर से बढ़ावा दिया। ध्यान देने वाली बात है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के अधिकारियों का रुख अमेरिकी फेडरल रिज़र्व (Fed) के अधिकारियों की तुलना में कम सख़्त दिखता है। यूक्रेन युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंधों के कारण यूरोप पर मंडराती आर्थिक चिंताएं भी EURUSD की कीमत पर दबाव डाल रही हैं।
मज़बूत यील्ड से USDJPY को समर्थन मिल रहा है, जबकि AUDUSD और NZDUSD पर जोखिम से बचने की भावना का दबाव है। इसके अलावा, सोने की कीमत शॉर्ट-टर्म के अहम रेज़िस्टेंस से नीचे लौटी है, जिससे मंदड़ियों को भरोसा मिला है। आर्थिक चिंताओं और सप्लाई को लेकर आशंकाओं के बीच कच्चे तेल की कीमत तीन दिनों में पहली बार गिरी।
संभावित नियामकीय चिंताओं के बीच ऑप्शंस बाज़ार में मंदी का रुझान दिखने से BTCUSD और ETHUSD पिछले दिन की बढ़त बनाए रखने में नाकाम रहे।
जोखिम के कमजोर माहौल को देखते हुए, प्रमुख आर्थिक आंकड़ों की कमी और Fed की ओर से सख़्त नीतियों की उम्मीदों के बीच अमेरिकी डॉलर में बढ़त जारी रह सकती है। हालांकि, अगर EU में महंगाई और बढ़ती है और ECB अध्यक्ष लैगार्ड अपना हॉकिश रुख़ बनाए रखती हैं, तो यूरो डॉलर के मुकाबले अपनी हालिया गिरावट का कुछ हिस्सा वापस पा सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!