
बुधवार की शुरुआत में बाज़ार का रुख बेहतर हुआ। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई के आंकड़ों में गिरावट से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका कम हुई, जबकि चीन से आई खबरों में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की रिकवरी को सहारा देने के लिए और प्रोत्साहन उपायों का संकेत मिला। जोखिम लेने की प्रवृत्ति को अमेरिकी बैंकों की खबरों से भी बल मिल सकता है, जिनमें ऊंची ब्याज दरों के कारण अधिक मुनाफ़े की बात कही गई है।
इसके बावजूद, अमेरिकी डॉलर 15 महीने के निचले स्तर से पिछले दिन की रिकवरी को आगे बढ़ा रहा है और कमजोर यील्ड को नज़रअंदाज़ कर रहा है। वहीं, USDJPY भी नरम बॉन्ड यील्ड पर खास ध्यान नहीं दे रहा है और मजबूत सेंटीमेंट तथा बैंक ऑफ जापान (BoJ) को लेकर डोविश चिंताओं के बीच साप्ताहिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है।
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क्रिप्टो की बात करें तो BTCUSD और ETHUSD में मज़बूती बनी हुई है। बड़े खिलाड़ियों का Bitcoin और Ethereum पर भरोसा दिख रहा है, जबकि Meta और Microsoft इस असामान्य बाज़ार में फ़ंड का प्रवाह बढ़ाने के लिए नए उपायों की तैयारी कर रहे हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



जोखिम लेने के अनुकूल माहौल और Fed की नरम नीति को लेकर चिंताओं से अमेरिकी डॉलर पर दबाव पड़ना चाहिए था। लेकिन मंगलवार के मजबूत अमेरिकी रिटेल सेल्स आंकड़ों ने यह उम्मीद बढ़ा दी कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक दरों में बढ़ोतरी जारी रख सकता है, भले ही वह 2023 में दरें बढ़ाना रोकने की तैयारी करता दिख रहा हो। इससे कई महीनों के निचले स्तर से ग्रीनबैक में सुधारात्मक उछाल को समर्थन मिला।
दूसरी ओर, यूके का कमजोर CPI, ब्याज दरें और बढ़ाने की BoE की क्षमता पर संदेह पैदा करता है। ब्रिटेन में मंदी की आशंकाओं के बीच यह GBPUSD पर दबाव डाल रहा है।
हालांकि, जून की शुरुआत के बाद के उच्चतम स्तरों पर सोना, मज़बूत होते USD और जोखिम लेने की सकारात्मक भावना के बीच झूल रहा है। वहीं, कच्चे तेल पर मज़बूत होते डॉलर और आपूर्ति बढ़ने की आशंकाओं का दबाव है।
ध्यान देने वाली बात है कि कैथी वुड्स के समर्थन से क्रिप्टो बाज़ार में आशावाद की नई लहर ने BTCUSD और ETHUSD को मज़बूत अमेरिकी डॉलर की अनदेखी करने और लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ने में मदद की।
इस हफ़्ते के प्रमुख आंकड़ों—यानी अमेरिकी रिटेल सेल्स और यूके की महंगाई—पर बाज़ार की शुरुआती प्रतिक्रिया देखने के बाद, अमेरिका के हाउसिंग मार्केट के आंकड़े और यूरोज़ोन की महंगाई के अंतिम आंकड़े मोमेंटम ट्रेडरों को सक्रिय कर सकते हैं। हालांकि, जोखिम लेने की बढ़ती इच्छा और अमेरिकी डॉलर की वापसी से कमोडिटीज़ और ऑस्ट्रेलियाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर पर दबाव बना रह सकता है। वहीं, GBPUSD में मंदी का रुख़ पलटने के लिए मज़बूत सकारात्मक संकेतों की ज़रूरत होगी।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!