
सप्ताह की सकारात्मक शुरुआत के बाद मंगलवार की शुरुआत में बाज़ार का रुझान और बिगड़ गया, क्योंकि ट्रेडर अमेरिकी ऋण सीमा पर बातचीत को लेकर सतर्क हैं। चीन के निराशाजनक आंकड़ों और मंदी की आशंकाओं का बोझ भी जोखिम लेने की इच्छा पर पड़ रहा है। बॉन्ड की मांग के बावजूद यह निराशाजनक माहौल अमेरिकी ट्रेज़री यील्ड और अमेरिकी डॉलर को सहारा देने में नाकाम है।
इससे AUDUSD का जोखिम-बैरोमीटर वाला दर्जा सही साबित होता है। RBA की निराशाजनक मौद्रिक नीति मिनट्स भी इसकी पुष्टि करते हैं। वहीं, उम्मीद से कमजोर यूके रोज़गार आंकड़ों के बीच GBPUSD रुझान के साथ चल रहा है। USDJPY कमजोर बॉन्ड कूपन को दर्शाता है और अमेरिका के नरम आंकड़ों से बढ़त हासिल कर रहा है, जबकि EU के मज़बूत विकास आंकड़ों की उम्मीद पर EURUSD में मामूली बढ़त है।
बाज़ार में सतर्क माहौल और आर्थिक मुश्किलों के बीच मांग घटने की आशंकाओं के चलते सोने और कच्चे तेल, दोनों की कीमतों में गिरावट आई है।
बाज़ार में कंसोलिडेशन के बीच क्रिप्टोकरेंसी में धीरे-धीरे बढ़त जारी है और कड़े नियमों की आशंकाएँ कम हो रही हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



भावना कमजोर होने और Fed के नीति-निर्माताओं द्वारा सख्त कदमों का बचाव किए जाने के बावजूद, हाल के निराशाजनक आंकड़ों के कारण US Dollar पर दबाव बना हुआ है। साथ ही, उम्मीद है कि अमेरिकी राजनयिक अपने सार्वजनिक वादों की कीमत पर भी US के डिफ़ॉल्ट का जोखिम नहीं उठाएंगे।
ब्रिटेन की रोज़गार रिपोर्ट BoE के अर्थशास्त्री पिल की उन टिप्पणियों की पुष्टि नहीं करती जिनमें महंगाई के और दबाव तथा ऊंची ब्याज दरों की बात कही गई थी। इससे GBPUSD पर बिकवाली का दबाव बढ़ा। दूसरी ओर, RBA की बैठक के मिनट्स आक्रामक मौद्रिक नीति के अप्रत्याशित संकेत को बनाए रखने में नाकाम रहे। चीन के कमजोर आंकड़ों के साथ मिलकर इनका असर AUDUSD पर पड़ा।
बॉन्ड के अलावा किसी अन्य एसेट में बाजार की दिलचस्पी न होने और US के कर्ज़ की सीमा पर बातचीत से पहले की सतर्कता के कारण सोने की कीमत गिर रही है। इसके अलावा, आपूर्ति की कमी की चिंताओं और US से कच्चे तेल की संभावित मांग के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों को सहारा नहीं मिल रहा है।
इसके अलावा, BTCUSD और ETHUSD में तीन दिनों से तेज़ी का रुझान दिख रहा है। आसान अमेरिकी नियमों और बढ़ती मांग की उम्मीद के बीच ट्रेडर क्रिप्टोकरेंसी का सहारा ले रहे हैं। इनके बार-बार होने वाले अपग्रेड भी इस रुझान की वजह हैं।
आगे, ट्रेडर्स के लिए आज का दिन काफ़ी व्यस्त रहने वाला है। EU की Q1 GDP के शुरुआती आंकड़े अप्रैल की अमेरिकी रिटेल सेल्स और ऋण सीमा पर होने वाली बातचीत से पहले जारी होंगे। कनाडा के महंगाई के आंकड़े और फेड की टिप्पणियां भी अहम होंगी। साथ ही, ECB के नीति-निर्माताओं के लगातार भाषणों पर भी नज़र रहेगी। ऐसे में बाज़ारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जिससे अमेरिकी डॉलर, सोना, येन और CHF जैसे पारंपरिक सुरक्षित ठिकानों को फ़ायदा हो सकता है। हालांकि, उम्मीद से बेहतर आंकड़े अमेरिकी डॉलर की हालिया गिरावट को और बढ़ा सकते हैं और सोने की कीमत को ज़रूरी उछाल दे सकते हैं।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!