
गुरुवार की शुरुआत में बार-बार निराशाजनक अमेरिकी रोज़गार संकेतों और भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच बाज़ार मंदी की आशंकाओं का बोझ झेल रहे हैं। हालांकि, कमज़ोर माहौल अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर दबाव बने रहने के कारण अमेरिकी डॉलर की रिकवरी को थाम नहीं पाया।
US Dollar में कमजोरी के बावजूद, बुधवार को डोजी कैंडलस्टिक बनने और साल का नया उच्च स्तर छूने के बाद Gold की कीमत में पहली दैनिक गिरावट दर्ज हुई। Gold के साथ Crude oil में भी खबर लिखे जाने तक मामूली गिरावट आई। कम मांग की आशंकाओं के बीच इसमें लगातार दूसरे दिन गिरावट रही।
दूसरी ओर, चीन के सकारात्मक आँकड़ों से NZDUSD को बढ़त नहीं मिली और RBNZ के फैसले से मिली बढ़त गंवाते हुए यह G10 करेंसी पेयर्स में सबसे ज़्यादा गिरा। ऑस्ट्रेलिया के मिले-जुले व्यापार आँकड़ों के बीच AUDUSD भी नीचे आया। वहीं, ब्रिटेन में घरों की कीमतों में उछाल से GBPUSD मज़बूत बना रहा, जबकि जर्मनी के सकारात्मक औद्योगिक उत्पादन आँकड़ों के बावजूद EURUSD में सुस्ती रही।
आगे, USDJPY और USDCAD को स्पष्ट दिशा पाने में मुश्किल हो रही है, जबकि सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में स्विस फ़्रैंक की स्थिति के चलते USDCHF में गिरावट आ रही है।
BTCUSD और ETHUSD ने क्रमशः चार और तीन दिनों में पहली बार दैनिक गिरावट दर्ज की, क्योंकि नकारात्मक माहौल ने पहले पसंदीदा रहे निवेश विकल्पों पर दबाव डाला।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



अमेरिकी आंकड़ों से लगातार मिली निराशा ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका बढ़ा दी, जिससे बाज़ार में पहले बनी आशावादिता को झटका लगा। शुरुआत में इससे अमेरिकी डॉलर को उबरने का मौका मिला, लेकिन फ़ेड की नरम नीति पर दांव को तवज्जो मिलने के बाद डॉलर के मंदड़िये फिर सक्रिय हो गए।
जोखिम से बचने की भावना AUDUSD पर दबाव डाल रही है, क्योंकि यह जोख़िम के रुझान का संकेतक है और RBA ने दरों में बदलाव रोक दिया है। वहीं, चीन का PMI बेहतर रहने के बावजूद NZDUSD, RBNZ के चलते हुई बढ़त को समेकित कर रहा है। इसकी वजह ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव, साथ ही उत्तर कोरिया की यह चेतावनी हो सकती है कि अगर अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास उसे उकसाते हैं, तो वह परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा।
UK में घरों की कीमतें अब भी मज़बूत हैं। Brexit की चिंताओं के साथ मिलकर ये GBPUSD की रिकवरी को सहारा दे रही हैं, जबकि EURUSD जर्मनी के आंकड़ों से बढ़त हासिल करने में संघर्ष कर रहा है। इसी बीच, RBI के ब्याज दरों में बढ़ोतरी के चक्र पर रोक लगाने के बावजूद USD/INR पर दबाव बना हुआ है।
एशिया के शेयर बाज़ारों में धीरे-धीरे गिरावट जारी है, जबकि अमेरिकी स्टॉक फ़्यूचर्स में हल्की गिरावट दिख रही है। यूरोप और यूके के शेयरों में भी मामूली गिरावट दर्ज की जा रही है और वे अमेरिकी बाज़ारों की चाल का अनुसरण कर रहे हैं।
यह आशंका कि Shanghai hard fork की खबर पहले ही कीमतों में शामिल हो चुकी है, और नियामकीय चिंताएँ बढ़ने से BTCUSD और ETHUSD के खरीदारों पर दबाव पड़ रहा है।
चिंताओं के मिले-जुले संकेतों और सतर्क माहौल को देखते हुए, अमेरिका में हल्के आर्थिक कैलेंडर—जहाँ केवल साप्ताहिक बेरोज़गारी दावे जारी होने हैं—के बीच बाज़ार के प्रतिभागी जोखिम को प्रभावित करने वाले कारकों पर ध्यान दे सकते हैं। हालांकि, कनाडा के मासिक रोज़गार आंकड़े गुड फ्राइडे की छुट्टी से पहले ट्रेडरों को उतार-चढ़ाव का एक आखिरी दौर देखने का मौका दे सकते हैं।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!