
शेयर बाज़ारों ने तेजी की उम्मीद लगाए बैठे ट्रेडरों को निराश किया, लेकिन मंदी के दायरे में जाने से बचे। ट्रेडर आर्थिक वृद्धि की पुष्टि और केंद्रीय बैंकों के संकेतों का इंतज़ार कर रहे थे। बाज़ार में अनिश्चितता और आर्थिक कैलेंडर में कम अहम घटनाओं के कारण गति सीमित रही, जिससे बाज़ार के प्रतिभागी सतर्क बने रहे।
दो दिन की रिकवरी के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में गिरावट आई, जिससे कमोडिटी की कीमतों और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर व न्यूज़ीलैंड डॉलर जैसी मुद्राओं को फ़ायदा हुआ। हालांकि, कमज़ोर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो, जापानी येन और स्विस फ़्रैंक में भी बढ़त दर्ज की गई, जबकि ब्रिटिश पाउंड दबाव में रहा।
कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और तेल की बढ़ती कीमतों के चलते USDCAD में मंदी का रुझान बना रहा। हाल की बढ़त के बाद कच्चा तेल आगे के संकेतों का इंतज़ार कर रहा था, जबकि अनिश्चित बाज़ार स्थितियों में सुरक्षित निवेश वाली एसेट्स को तरजीह मिलने से सोने की कीमतों में छह दिनों में पहली बार दैनिक बढ़त दर्ज की गई।
सकारात्मक ऑन-चेन डेटा के आधार पर BTCUSD और ETHUSD ने सप्ताह के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की, हालांकि क्रिप्टो बाज़ार की चिंताओं से खरीदारों का उत्साह कम हुआ। US SEC, Donald Trump और ETF फ्लो से जुड़े घटनाक्रमों का Bitcoin और Ethereum के ट्रेडर्स पर असर जारी रहा।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



अमेरिकी आर्थिक वृद्धि और फ़ेडरल रिज़र्व के अगले कदमों को लेकर ट्रेडर्स की अनिश्चितता ने अमेरिकी डॉलर की रिकवरी को चुनौती दी। टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनियों और Disney के कमजोर प्रदर्शन के साथ-साथ 2024 में फ़ेड द्वारा ब्याज दरों में तीन बार कटौती किए जाने की आशंका ने बाज़ार के रुख और अमेरिकी डॉलर पर दबाव डाला।
दूसरी ओर, चीन और अमेरिका में बॉन्ड की भारी बिकवाली ने जोखिम लेने की चाह को और कम किया और अमेरिकी जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़ों से पहले अमेरिकी डॉलर की वापसी की राह मुश्किल की। अमेरिकी मॉर्गेज एप्लिकेशन के सकारात्मक आंकड़ों और कंज़्यूमर क्रेडिट में मामूली बदलावों से डॉलर को खास बढ़ावा नहीं मिला। ऐसा तब हुआ, जब Sahm Rule इंडिकेटर के संस्थापक ने मंदी की आशंकाओं को लेकर भरोसा दिलाया था।
नतीजतन, हफ़्ते की शुरुआत में सात महीने के निचले स्तर से उछलने के बाद US Dollar Index (DXY) में लगातार तीन सत्रों में पहली बार दैनिक गिरावट दर्ज हुई। ECB के नीति-निर्माता Olli Rehn की बाज़ार की अस्थिरता को कम करके आंकने वाली टिप्पणियों और जर्मनी से आए अनुकूल आर्थिक आंकड़ों के समर्थन से EURUSD पहले हुए नुकसान से उबर गया।
अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के बीच GBPUSD को बढ़त हासिल करने में मुश्किल हुई और यह मंगलवार को बने 5 सप्ताह के निचले स्तर के करीब बना रहा। ब्रिटेन के आर्थिक परिदृश्य को लेकर चिंताओं और ब्रिटेन तथा अमेरिका, दोनों में भू-राजनीतिक तनावों ने केबल पेयर की कमजोरी में योगदान दिया। यह जुलाई में ब्रिटेन के Halifax House Prices में उम्मीद से बेहतर वृद्धि के बावजूद हुआ।
USDJPY ने अप्रैल के अंत के बाद अपनी सबसे बड़ी बढ़त को बनाए रखा। जापानी नीति-निर्माताओं की टिप्पणियों और बैंक ऑफ जापान की ‘Summary of Opinions’ ने इस बढ़त को समर्थन दिया और जापानी येन की मजबूती को और बल मिला।
G10 मुद्राओं में AUDUSD में सबसे बड़ी दैनिक बढ़त दर्ज की गई। इसकी वजह RBA गवर्नर बुलॉक की सख्त रुख वाली टिप्पणियां, अमेरिकी डॉलर में गिरावट और चीन की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने की तैयारी रही। सक्रिय ट्रेडिंग के बावजूद, चीन, मध्य पूर्व और पश्चिम से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित किया।
अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और बाज़ार के थोड़े सकारात्मक रुझान के बावजूद, NZDUSD अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष की बढ़त के साथ चलने में संघर्ष करता रहा। इसकी वजह न्यूज़ीलैंड में अगले दो वर्षों के लिए महंगाई की उम्मीदें थीं, जिन्होंने RBNZ के सख़्त रुख को चुनौती दी। इसी तरह, अमेरिकी डॉलर में गिरावट के बावजूद USDCHF में तेज़ी नहीं आई। ऐसी रिपोर्टें थीं जिनमें स्विस नेशनल बैंक (SNB) से स्विस फ़्रैंक की मज़बूती पर अंकुश लगाने की अपील की गई थी।
इस बीच, USDCAD में लगातार पांचवें दिन गिरावट जारी रही। अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों—जो कनाडा का एक प्रमुख निर्यात है—का असर बैंक ऑफ कनाडा की हालिया बैठक के मिनट्स में महंगाई के नरम पड़ने और संभावित ब्याज दर कटौती को लेकर जताई गई चिंताओं से अधिक रहा।
अमेरिका के साप्ताहिक तेल भंडार उम्मीद से कम रहने और इज़राइल के खिलाफ ईरान की संभावित कार्रवाइयों तथा स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व (SPR) के लिए अमेरिका की खरीदारी जैसी भू-राजनीतिक तनातनी के चलते कच्चे तेल में तेज़ उछाल आया और चार दिनों से जारी गिरावट थम गई।
वैश्विक विकास को लेकर अनिश्चितता और केंद्रीय बैंकों की संभावित कार्रवाइयों पर अटकलों के बीच निवेशकों ने पारंपरिक सुरक्षित निवेश साधनों का रुख किया। इसके चलते छह दिनों में पहली बार सोने में दैनिक बढ़त दर्ज हुई। चीन में संभावित प्रोत्साहन उपायों, भू-राजनीतिक तनावों और ट्रेज़री बॉन्ड की यील्ड में गिरावट की खबरों से भी XAUUSD की रिकवरी को सहारा मिला। हालांकि, इस कीमती धातु में कंसोलिडेशन जारी रहा और यह महीने की शुरुआत में हुई बढ़त को पलटने की कोशिश करता रहा।
आगे, कैलेंडर में सप्ताह की मुख्य आर्थिक घटना के तौर पर सबकी नज़र अमेरिका के साप्ताहिक बेरोज़गारी भत्ते के दावों के आंकड़ों पर रहेगी। इस आंकड़े पर काफ़ी ध्यान दिए जाने की उम्मीद है और यह बाज़ार के रुझान को प्रभावित कर सकता है।
बाज़ार में मौजूदा अनिश्चितता और आर्थिक गतिविधियों का शेड्यूल अपेक्षाकृत शांत रहने के कारण, ट्रेडर्स को कीमतों में तेज़ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, खासकर ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होने पर। इस माहौल में हफ़्ते की शुरुआत में बने ट्रेंड और मज़बूत हो सकते हैं, जिससे US Dollar, Gold और Japanese Yen पर फिर से ध्यान जा सकता है।
इसके उलट, नकारात्मक खबरें EURUSD, GBPUSD और AUDUSD पर बिकवाली का दबाव बढ़ा सकती हैं, क्योंकि जोखिम को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच इन करेंसीज़ को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, भू-राजनीतिक घटनाक्रम, आर्थिक विकास के संकेतक और वॉल स्ट्रीट का प्रदर्शन अहम जोखिम कारक होंगे, जिन पर नज़र रखना ज़रूरी है। ये आने वाले ट्रेडिंग सत्रों में बाज़ार की चाल को प्रभावित करेंगे।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!