
चीन से जुड़ी चिंताओं और कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंचे ट्रेज़री बॉन्ड यील्ड के बीच ट्रेडर्स के असमंजस में रहने से बाज़ारों में रौनक नहीं है।
शुरुआत में जोखिम लेने की चाह कमज़ोर पड़ गई, क्योंकि इस बात को लेकर संदेह था कि युआन को सहारा देने और आर्थिक सुधार को मज़बूत करने की बीजिंग की बार-बार की कोशिशें काफ़ी नहीं होंगी। इसके अलावा, S&P द्वारा अमेरिका के मध्यम आकार के बैंकों की क्रेडिट रेटिंग घटाने और ताइवान से जुड़ी ख़बरों ने भी निराशावादी रुख को और मज़बूत किया।
हालांकि, प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीति में बदलाव और US Dollar की गिरावट को लेकर चिंताओं ने हाल के दिनों में बाज़ार के रुझान को आकार देने में मदद की।
इसके चलते, G10 करेंसी पेयर्स में NZDUSD की कीमतों में सबसे ज़्यादा उछाल आया, क्योंकि कीवी ट्रेडर बुधवार को जारी होने वाले तिमाही रिटेल सेल्स के आँकड़ों का इंतज़ार कर रहे हैं। AUDUSD में भी कीवी पेयर जैसी बढ़त रही, जबकि प्रेस समय तक GBPUSD, EURUSD और USDJPY में अमेरिकी डॉलर के मुक़ाबले इंट्राडे लगभग 0.30% की बढ़त दर्ज हुई।
गोल्ड में पिछले दिन पांच महीने के निचले स्तर से आई रिकवरी जारी है, लेकिन चीन की ऊर्जा मांग में संभावित कमजोरी की आशंकाओं के बीच ब्रेंट ऑयल पर दबाव बना हुआ है।
दूसरी ओर, BTCUSD और ETHUSD को अमेरिकी डॉलर में आई नरमी से भी फ़ायदा नहीं मिल रहा है। इंडस्ट्री के कारोबारियों पर अमेरिकी SEC की कार्रवाई की आशंकाओं के साथ-साथ, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में क्रिप्टो बाज़ार को सहारा देने के लिए निवेश योग्य फ़ंड की कमी की चिंताएं भी जुड़ गई हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



चीन की आर्थिक रिकवरी को लेकर ट्रेडर्स अब भी दुविधा में हैं। खासकर, ब्याज दरें लंबे समय तक ऊँची बने रहने की आशंका बाज़ार की धारणा पर दबाव डाल रही है। वहीं, अमेरिकी डॉलर की गिरावट से जोखिम वाले एसेट्स को कुछ राहत मिली है, जो पिछले हफ़्ते कई महीनों के निचले स्तरों की ओर फिसले थे।
बाज़ार की अनिश्चितता के पीछे 24-26 अगस्त को होने वाले जैक्सन होल सिम्पोज़ियम से पहले का सतर्क माहौल भी एक वजह है। इस आयोजन में प्रमुख केंद्रीय बैंक ऐतिहासिक रूप से अपनी मौद्रिक नीति से जुड़े अहम बदलावों की जानकारी साझा करते रहे हैं।
इसके अलावा, आर्थिक कैलेंडर में कम गतिविधि और पहले जारी हुए मिले-जुले आंकड़े भी बाज़ार की दिशा को लेकर अनिश्चितता बढ़ा रहे हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बैंकिंग बाज़ार से जुड़ी चिंताएं और आर्थिक सुधार की उम्मीदें भी बाज़ार प्रतिभागियों को असमंजस में डाल रही हैं। इससे अमेरिकी डॉलर की तेजी फिर शुरू हो सकती है और वह साल के नए उच्च स्तर की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, बाज़ार प्रतिभागियों में पक्के भरोसे की कमी ट्रेडर्स को रोक रही है।
अब ट्रेडर चीन, Fed और बैंकिंग सेक्टर जैसे प्रमुख जोखिम कारकों को लेकर और स्पष्टता चाहेंगे। इसलिए, आज के अमेरिकी हाउसिंग डेटा, Fed की टिप्पणियाँ और Fitch की रेटिंग घटाने पर बाज़ार की प्रतिक्रिया नई दिशा दे सकती हैं। इसके बाद, बुधवार के प्रमुख PMI, Jackson Hole और अमेरिकी आँकड़ों के चलते बढ़ने वाली वोलैटिलिटी से पहले आख़िरी पड़ाव होंगे।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!