
मज़बूत अमेरिकी आर्थिक आँकड़ों के मुख्य समर्थन से अमेरिकी ट्रेज़री बॉन्ड यील्ड और डॉलर को बढ़ावा मिला। इस उतार-चढ़ाव भरे दिन के बाद ट्रेडर थोड़ा विराम ले रहे हैं और वैश्विक बाज़ार अनिश्चित हो गए हैं। सावधानी भरे आशावाद के संकेत चीन से जुड़ी खबरों और अगले हफ्ते जारी होने वाले Fed मिनट्स की तैयारी से भी मिल रहे हैं। वहीं, इस हफ्ते के बाकी दिनों में आर्थिक कैलेंडर हल्का है।
दिन की सुस्त शुरुआती घंटों के बीच अमेरिकी डॉलर छह हफ़्ते के उच्च स्तर से पीछे हटा। इससे कमोडिटीज़ और ऑस्ट्रेलियाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर को हालिया नुकसान कम करने में मदद मिली। इनमें USDJPY, USD के मुकाबले G10 की बढ़त वाली करेंसीज़ में सबसे आगे रहा, जबकि कच्चे तेल ने एक ही दिन में साप्ताहिक नुकसान की भरपाई करके कमोडिटी बास्केट से बेहतर प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, ब्रिटेन की निराशाजनक महंगाई और रोज़गार रिपोर्ट के बीच BoE की नीति में बदलाव की आशंकाओं के कारण GBPUSD को कमजोर अमेरिकी डॉलर का फायदा नहीं मिला।
दूसरी ओर, दिन के अंत में आई रिकवरी के चलते वॉल स्ट्रीट मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि एशिया-प्रशांत के शेयर बाजारों में तेजी जारी रही। इसी तरह, यूरोप और यूके के शेयरों में भी कारोबार के शुरुआती घंटे में मामूली बढ़त दर्ज हुई।
छह महीने के हाई पर पहुँचने के बाद BTCUSD में मज़बूती बनी हुई है, जबकि ETHUSD दो हफ़्ते के हाई के करीब उतार-चढ़ाव कर रहा है।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



हालाँकि ट्रेडर्स डेढ़ महीने के उच्च स्तर से अमेरिकी डॉलर की गिरावट पर खुशी जता रहे हैं, लेकिन फेडरल रिज़र्व (Fed) की ओर से ब्याज दरें और बढ़ाए जाने की व्यापक आशंकाओं के बीच बाज़ार की कुल चाल सुस्त बनी हुई है। इसकी वजह हाल में महँगाई, रोज़गार और खुदरा बिक्री के अमेरिकी आँकड़ों का मज़बूत होना हो सकता है।
इसके बावजूद, एशियाई देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने की चीन की तैयारी और घरेलू स्तर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर रोक से कमोडिटी में सुधार हो रहा है। यही वजह हो सकती है कि International Energy Agency (IEA) को 2023 में चीन की अगुवाई में ऊर्जा की मजबूत मांग की उम्मीद है। IEA की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे तेल बाजारों में कमी हो सकती है।
हालांकि, आर्थिक मंदी की आशंकाएँ और BoE से ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीद न होना GBPUSD पर दबाव डालता है, जबकि BoJ के सख्त रुख की आशंकाएँ JPY की कीमतों को बढ़ने से रोकती हैं।
तकनीकी चिंताओं के बीच अमेरिकी डॉलर की कमजोरी से Gold को खास बढ़त नहीं मिल पा रही है। भारत में विकास की बेहतर संभावनाओं के बावजूद, कीमती धातुओं के बाज़ार को इससे कोई बड़ी उम्मीद नहीं है।
ध्यान देने वाली बात है कि रिटायरमेंट फ़ंड में क्रिप्टो निवेश की अनुमति देने की प्रक्रिया आसान करने पर अमेरिकी सांसदों के दोबारा विचार करने से पिछले दिन BTCUSD और ETHUSD को समर्थन मिला था। हालांकि, इसके बाद रेगुलेशन की आशंकाओं ने क्रिप्टो तेज़ड़ियों की परीक्षा ली।
इस सप्ताह के बाकी दिनों में अमेरिका के रोज़गार, उत्पादन और महँगाई से जुड़े और संकेत जारी होने वाले हैं, जिनमें ट्रेडरों की दिलचस्पी हो सकती है। हालाँकि, अगले सप्ताह जारी होने वाले फ़ेड मिनट्स पर सबसे ज़्यादा ध्यान रहेगा, जिससे अमेरिकी डॉलर को मज़बूती मिल सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!