
सोने की कीमतें भले ही नीचे हैं, लेकिन अभी पूरी तरह बाहर नहीं हुई हैं। वहीं, चांदी के बाज़ार में हाल ही में मुनाफ़ावसूली का तेज़ दबाव देखने को मिला। जोरदार तेजी के बाद चांदी की कीमतें गिरकर 25 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि गिरावट अभी खत्म नहीं हुई है। धातु की कीमत में और नीचे जाने की गुंजाइश है।
फिलहाल चांदी का बाज़ार काफी ज़्यादा ओवरवैल्यूड दिखाई दे रहा है। विश्लेषक इसकी उचित कीमत करीब $23.86 प्रति औंस मानते हैं। हाल में कीमतों में 5.7% की तेज़ी बाज़ार के सामान्य रुझान जैसी नहीं थी। कीमत ओवरवैल्यूड लग रही थी।
निवेशकों को ऐसे दिलचस्प संकेत दिखने लगे हैं जो इस एसेट के लिए आम नहीं हैं। दरअसल, चांदी की तेज़ी उसके बुनियादी कारकों से कहीं आगे निकल गई है, जो बहुत कम देखने को मिलता है। इसके अलावा, सोना, लौह अयस्क, तांबा और चांदी जैसी प्रमुख कमोडिटीज़ कमज़ोर होते USD से काफ़ी प्रभावित हैं। सोने और चांदी के कई हफ़्तों के उच्च स्तर पर पहुंचने के बावजूद, अमेरिकी डॉलर 100 अंक से नीचे गिरकर अप्रैल 2022 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।



बाज़ार की प्रतिक्रिया और भी गंभीर हो सकती है, क्योंकि FED पिछले 40 वर्षों में पहली बार अपनाई जा रही आक्रामक सख्ती की नीति के तहत आखिरी बार ब्याज दर बढ़ाने की योजना बना रहा है। आसान शब्दों में कहें तो, अगर FED ब्याज दरों में बढ़ोतरी के चरम पर पहुंचता है, तो डॉलर के कमज़ोर होने की स्थिति से कमोडिटी बाज़ार को फायदा होगा।
इस बीच, चांदी में मजबूत बढ़त की उम्मीद है। कुछ ट्रेडर्स के लिए, USD के अनुकूल दिशा में चलना शुरू करने से पहले कम दरों वाले वॉल्यूम के ज़रिए यह एसेट आसानी से कमाई का अवसर बन सकता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव पर नज़र रखें, क्योंकि अर्थव्यवस्था के मंदी में जाने की संभावना अभी भी काफी अधिक है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!