
Federal Reserve ने बुधवार को ब्याज दरों में बढ़ोतरी के सिलसिले पर लंबे समय से प्रतीक्षित रोक की घोषणा की। लेकिन मज़बूत आर्थिक अनुमानों और नीति-निर्माताओं की हर आगामी ब्याज दर बढ़ोतरी पर अधिक जानकारी का आकलन करने की तैयारी के साथ, बाज़ारों ने Fed के सख्त रुख वाली इस रोक को स्वीकार कर लिया।
Fed की घोषणाओं के बाद US Dollar में गिरावट आई, लेकिन गुरुवार तक इसने अपने नुकसान की भरपाई कर ली। इसके साथ US Treasury बॉन्ड यील्ड में तेजी, जापान के कमजोर डेटा और BoJ के नरम रुख़ ने USDJPY को ऊपर बढ़ाया। इससे येन पेयर ने G10 करेंसी पेयर्स में सबसे ज़्यादा बढ़त दर्ज की और साल का नया उच्च स्तर बनाया।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के मज़बूत रोज़गार आंकड़े AUDUSD के बुल्स को प्रभावित नहीं कर पाए। इसकी वजह चीन के कमज़ोर आंकड़े और अमेरिकी डॉलर की व्यापक मज़बूती थी। वहीं, न्यूज़ीलैंड की निराशाजनक GDP और बीजिंग के आंकड़ों के साथ-साथ USD की मज़बूती ने NZDUSD पर दबाव डाला। ध्यान देने वाली बात है कि EURUSD और USDCAD अब भी अनिश्चित स्तरों पर हैं और मामूली बढ़त दिखा रहे हैं, जबकि ट्रेडर्स ECB के ब्याज दर के फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। इसके अलावा, सोने की कीमत तीन महीने के निचले स्तर पर आ गई, लेकिन मिले-जुले संकेतों के बीच ऑयल में मंदी के रुझान को संघर्ष करना पड़ा।
वहीं, अमेरिकी डॉलर के मज़बूत होने और नियामकीय चिंताओं के चलते क्रिप्टोकरेंसी दबाव में हैं। BTCUSD और ETHUSD ने तीन महीने का नया निचला स्तर बनाया है।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



Fed का “ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रखने” का रुख़, दरों में बढ़ोतरी पर रोक से ज़्यादा प्रभावी रहा। इससे अमेरिकी डॉलर और यील्ड मज़बूत बने रहे, भले ही संकेत दिए गए कि दरों में कटौती 2025 में ही शुरू हो सकती है। चीन में आर्थिक सुधार धीमा रहने की आशंकाओं और FOMC के सकारात्मक आर्थिक पूर्वानुमानों ने भी डॉलर को मज़बूती दी।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के रोज़गार और महंगाई के संकेतों से RBA को लेकर सख्त रुख की उम्मीद मज़बूत हुई। लेकिन चीन की MLF दर में कटौती और ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार के निराशाजनक आंकड़े AUDUSD के बुल्स को प्रभावित नहीं कर पाए। USDJPY दूसरी ओर रहा, क्योंकि BoJ नीति-निर्माताओं ने आसान मौद्रिक नीति का बार-बार बचाव किया, जबकि जापान के आंकड़े कमज़ोर और यील्ड मज़बूत रहे।
ध्यान दें कि Gold अहम सपोर्ट को परख रहा है। इसके टूटने पर यह साल का नया निचला स्तर बना सकता है। वहीं, कम ऊर्जा मांग की आशंकाओं के बीच Brent Oil में और गिरावट आने की संभावना है, भले ही आपूर्ति कम हो।
एसेट के वर्गीकरण के चलते पूरे उद्योग पर नियम लागू होने की आशंकाओं और मज़बूत होते अमेरिकी डॉलर के बीच क्रिप्टोकरेंसी भी दबाव में बनी हुई हैं।
Fed की बैठक अब बाज़ार के फोकस में नहीं है, जबकि ECB की 0.25% दर वृद्धि अभी बाज़ारों को प्रभावित कर सकती है। अमेरिकी रिटेल सेल्स, मैन्युफैक्चरिंग डेटा और दूसरे स्तर के रोजगार आंकड़ों पर भी नज़र रखना अहम होगा। अगर अमेरिकी आंकड़े मजबूत आते हैं और ECB सख्त रुख वाले ट्रेडर्स को भरोसा नहीं दिला पाता, तो अमेरिकी डॉलर में और तेजी देखने को मिल सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!