
चीन के कुछ सकारात्मक आँकड़ों के बावजूद, हल्के नकारात्मक दिन के बाद बाज़ार का रुझान सतर्क बना रहा। इसकी वजह यह हो सकती है कि ट्रेडर्स अब भी छुट्टियों के मूड में हैं और चीन को छोड़कर आर्थिक कैलेंडर शांत है। बड़ी नकारात्मक ख़बरें न होने से बाज़ार का रुझान तटस्थ बना रहा, लेकिन बाज़ारों को गति देने के लिए यह काफ़ी नहीं था। नतीजतन, अमेरिकी डॉलर में मामूली बढ़त आई और पहले के रुझान पलट गए।
मंगलवार देर रात जारी फ़ेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के मिनट्स से पता चला कि नीति निर्माता अगली ब्याज दर कटौती को लेकर सतर्क और बँटे हुए थे। उन्होंने फ़ेड की बैलेंस शीट नीतियों पर भी चर्चा की और कहा कि रिज़र्व का स्तर कम है। मनी मार्केट को स्थिर रखने के लिए जल्द ही खरीदारी की ज़रूरत पड़ सकती है। इससे फ़ेड के डोविश रुख पर दबाव बढ़ा और अमेरिकी डॉलर को बढ़त मिली।
बुधवार को चीन के दिसंबर के PMI ने जोखिम लेने की इच्छा को कुछ सहारा दिया, हालांकि बाज़ार में गति अब भी कम थी। चीन का आधिकारिक मैन्युफ़ैक्चरिंग PMI अप्रत्याशित रूप से बढ़कर 50.1 पर पहुँच गया और आठ महीने से जारी संकुचन समाप्त हुआ। नॉन-मैन्युफ़ैक्चरिंग PMI भी 49.5 से बढ़कर 50.2 हो गया। संयुक्त कंपोज़िट PMI 49.7 से बढ़कर 50.7 पर पहुँच गया, जो व्यापक आर्थिक सुधार का संकेत देता है।
S&P Global/RatingDog के निजी क्षेत्र के सर्वे में भी मामूली सुधार दिखा और PMI 49.9 से बढ़कर 50.1 हो गया। 2026 की शुरुआत को लेकर कुछ आशावाद के बावजूद, सुधार अब भी नाज़ुक दिखता है और घरेलू मांग व सरकारी समर्थन पर काफ़ी निर्भर है।
हाउसिंग मार्केट में चीन ने प्रॉपर्टी टैक्स में राहत देने का कदम उठाया, जिसका मक़सद बाज़ार को थोड़ा सहारा देना है। हालांकि, इस नीति को अल्पकालिक उपाय माना जा रहा है और इससे डेवलपर्स या पूरी अर्थव्यवस्था को तुरंत राहत मिलने की संभावना नहीं है।
तेल की बात करें तो, वैश्विक स्तर पर तेल की अतिरिक्त आपूर्ति की चिंताओं के चलते OPEC+ से 4 जनवरी की बैठक में उत्पादन बढ़ोतरी रोकने के अपने फ़ैसले को बरकरार रखने की उम्मीद है। इस फ़ैसले से निकट अवधि में तेल की कीमतों को ज़्यादा सहारा मिलने की संभावना नहीं है।
अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) के एक निजी सर्वे में कच्चे तेल के भंडार में उम्मीद से कम बढ़ोतरी दिखी। इससे तेल की कीमतों पर कुछ दबाव बढ़ सकता है।
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) एक हफ़्ते के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया। इससे EURUSD लगातार दूसरे दिन गिरकर एक हफ़्ते के निचले स्तर पर आ गया। GBPUSD भी कमज़ोर हुआ, जबकि USDJPY अपने निचले स्तर से उछला। AUDUSD पर दबाव बना हुआ है और NZDUSD लगातार पाँचवें दिन गिरा। USDCAD में मामूली बढ़त आई। कमोडिटी बाज़ार में अमेरिकी तेल की दो दिन की रिकवरी थम गई, जबकि सोना स्थिर रहा और दबाव में बना रहा। सकारात्मक दिन के बाद Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) में ज़्यादा हलचल नहीं हुई। वहीं, एशिया-प्रशांत के शेयर बाज़ारों में उतार-चढ़ाव रहा, जो अमेरिकी शेयर बाज़ारों के कमज़ोर प्रदर्शन को दर्शाता है।



अमेरिकी डॉलर की रिकवरी और हल्के नकारात्मक बाज़ार रुझान के चलते EURUSD और GBPUSD एक हफ़्ते के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच गए, जबकि USDJPY लगातार दूसरे दिन बढ़ा। हालांकि, बड़े आर्थिक आँकड़ों या घटनाओं की कमी से बाज़ार की गति सीमित रही। ट्रेडर्स दिशा के लिए अमेरिका के आने वाले साप्ताहिक शुरुआती बेरोज़गारी दावों के आँकड़ों का इंतज़ार कर रहे थे।
चीन के सकारात्मक PMI से AUDUSD को फ़ायदा नहीं हुआ, क्योंकि सतर्क माहौल और मज़बूत अमेरिकी डॉलर ने उस पर दबाव बनाए रखा। इन्हीं कारकों के चलते NZDUSD भी लगातार पाँचवें दिन गिरा। इस बीच, जुलाई के अंत के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँचने के बाद USDCAD लगातार तीसरे दिन बढ़ा। कनाडा के प्रमुख निर्यात कच्चे तेल में रिकवरी के बावजूद, कनाडाई डॉलर में ज़ोरदार खरीदारी शुरू कराने के लिए यह काफ़ी नहीं थी।
दो महीनों की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट से उबरने में नाकाम रहने के बाद सोने की कीमतों को दिशा पाने में मुश्किल हुई। मज़बूत अमेरिकी डॉलर, बाज़ार का मिला-जुला रुझान और साल के अंत की पोज़िशनिंग—इन सभी का कीमती धातु पर दबाव रहा। दूसरी ओर, उम्मीद है कि OPEC+ 4 जनवरी की बैठक में मौजूदा उत्पादन कटौती नीति को बरकरार रखेगा, फिर भी कच्चे तेल की लगातार दो दिन की बढ़त थम गई।
कमज़ोर ट्रेडिंग और अमेरिकी डॉलर की रिकवरी के बीच क्रिप्टोकरेंसी मंगलवार की बढ़त को आगे नहीं बढ़ा पाईं। ख़ास तौर पर, चीन के PMI के बावजूद एशिया-प्रशांत के शेयरों में मामूली गिरावट आई और वे वॉल स्ट्रीट के हल्के कमज़ोर प्रदर्शन की राह पर चले।
खास बात यह है कि चीन की ByteDance (TikTok की पैरेंट कंपनी) कंप्यूटिंग पावर की तेज़ी से बढ़ती मांग के चलते 2026 में Nvidia चिप्स में बड़ी रकम, US$14 बिलियन, निवेश करने की योजना बना रही है।
2025 के आखिरी ट्रेडिंग दिन के करीब पहुंचते हुए, अमेरिका के बेरोज़गारी दावों और जोखिम से जुड़ी खबरों से बाज़ार की चाल तय होने की संभावना है। फ़ेड के सतर्क रुख से अमेरिकी डॉलर मज़बूत बना हुआ है। इससे क्रिप्टोकरेंसी और शेयरों जैसे जोखिम वाले एसेट्स पर दबाव बना हुआ है। इससे डॉलर और ऊपर जा सकता है और EURUSD तथा GBPUSD जैसे पेयर्स पर दबाव बना रह सकता है। वहीं, चीन के सकारात्मक आंकड़ों के बावजूद AUDUSD और NZDUSD जैसी कमोडिटी करेंसीज़ पर दबाव बना हुआ है।
तीन महीने की सबसे बड़ी गिरावट के बाद सोना अब भी संघर्ष कर रहा है। मज़बूत डॉलर और बाज़ार के मिले-जुले रुख के चलते उसे आगे की दिशा तय करने में मुश्किल हो सकती है। इस बीच, क्रूड ऑयल लगातार तीसरे दिन बढ़त में रहा। उम्मीदें बढ़ रही हैं कि OPEC+ 4 जनवरी की बैठक में उत्पादन कटौती की नीति जारी रखेगा। हालांकि, इससे कनाडाई डॉलर को खास बढ़ावा नहीं मिला है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!