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EU और U.S. के अहम डेटा से पहले EURUSD पर दबाव बना हुआ है

EU और U.S. के अहम डेटा से पहले EURUSD पर दबाव बना हुआ है

अमेरिकी डेटा और बॉन्ड में उतार-चढ़ाव से बाज़ार का रुझान थोड़ा बेहतर

बुधवार को बाज़ार का रुझान थोड़ा बेहतर हुआ। कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद बॉन्ड यील्ड में नरमी आई, जिससे मंदी की आशंकाएं कम हुईं। इस बदलाव को अमेरिका के कमज़ोर रोज़गार आंकड़ों, फ़ेडरल रिज़र्व (Fed) अधिकारियों के सतर्कता के साथ आशावादी बयानों और फ़ेड की बेज बुक जारी होने से सहारा मिला। बेज बुक में आर्थिक गतिविधियों में बहुत कम बदलाव दिखा। इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप की कानूनी लड़ाइयों में कोई नई प्रगति नहीं हुई। इसमें टैरिफ़ पर अमेरिकी अदालतों के फैसलों को चुनौती देना भी शामिल है। इससे बाज़ार का रुझान मज़बूत हुआ। इन सकारात्मक कारकों के बावजूद, ट्रंप भू-राजनीतिक जोखिमों को लेकर चेतावनी देते रहे। खास तौर पर चीन के शेयर ट्रेडिंग पर लगाए प्रतिबंधों और अमेरिकी ऑप्टिकल फ़ाइबर पर उसके एंटी-डंपिंग शुल्कों को लेकर उनकी टिप्पणियों से बाज़ार में कुछ समय के लिए बेचैनी रही।

US के आंकड़ों पर नज़र डालें तो जुलाई में Factory Orders महीने-दर-महीने 1.3% बढ़े, जबकि 1.4% की गिरावट का अनुमान था। वहीं, Job Openings (JOLTS) घटकर 7.181 मिलियन रह गईं, जो मार्च 2021 के बाद का सबसे निचला स्तर है। Fed अधिकारियों की टिप्पणियां भी थोड़ी सकारात्मक रहीं, हालांकि उनके बयानों से US Dollar में कोई खास हलचल नहीं हुई। Atlanta Fed के प्रमुख Raphael Bostic ने इस साल ब्याज दर में 0.25% की कटौती की उम्मीद जताई, हालांकि उन्होंने कहा कि कारोबार अब भी अर्थव्यवस्था को लेकर आशावादी हैं। St. Louis Fed के अध्यक्ष Alberto Musalem ने मौजूदा सख्त नीतिगत रुख का समर्थन किया। Fed गवर्नर Christopher Waller ने कहा कि Fed अगली बैठक में दरें घटा सकता है, लेकिन हर बैठक में ऐसा ज़रूरी नहीं है। Minneapolis Fed के अध्यक्ष Neel Kashkari ने ज़ोर देकर कहा कि महंगाई पर काबू पाने के लिए Fed का काम अभी बहुत दूर तक बाकी है।

वैश्विक स्तर पर, सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका, जापान, जर्मनी और ब्रिटेन में लंबी अवधि की यील्ड में तेज़ उछाल के बाद बॉन्ड बाज़ार की चिंताएं कम हुईं। इस उछाल से मंदी की आशंकाएं बढ़ी थीं। बॉन्ड यील्ड में नरमी से रिस्क सेंटिमेंट बेहतर हुआ, हालांकि भू-राजनीतिक मुद्दों को लेकर चिंताएं बनी रहीं। चीन ने अमेरिकी ऑप्टिकल फ़ाइबर आयात पर 33.3%–78.2% के नए एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने का फ़ैसला किया, जिससे बाज़ार का सेंटिमेंट कमजोर हुआ। ऐसी खबरों से भी सेंटिमेंट पर दबाव पड़ा कि चीन बाज़ार को अधिक स्थिर बनाने के लिए शेयरों में सट्टेबाज़ी पर अंकुश लगा सकता है। इन खबरों से चीनी शेयरों पर दबाव पड़ा और इसके चलते पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रिस्क लेने की इच्छा कम हुई। इस बीच, ट्रंप ने रूस और उत्तर कोरिया के साथ चीन के संबंधों की आलोचना जारी रखी। उन्होंने अपने टैरिफ़ और फ़ेड गवर्नर लिसा कुक को बर्खास्त करने के फ़ैसले का भी बचाव किया, जबकि अदालत ने उनके द्वारा बर्खास्त किए गए फ़ेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) प्रमुख को बहाल करने का आदेश दिया था।

जापान में व्यापार वार्ताकार अकाज़ावा ने बताया कि अमेरिका के साथ प्रशासनिक मुद्दे सुलझा लिए गए हैं और जापान टैरिफ समझौतों को लागू करने के लिए राष्ट्रपति के आदेश पर ज़ोर देता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) में नेतृत्व का चुनाव समय से पहले कराने की ज़रूरत नहीं है, जिससे टोक्यो में राजनीतिक चिंताएं कम हुईं। हालांकि, MUFG के विश्लेषकों ने चेतावनी दी कि अगर प्रधानमंत्री इशिबा को पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, तो नया नेता सरकारी खर्च बढ़ाने की पैरवी कर सकता है।

दूसरी ओर, बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) के गवर्नर एंड्रयू बेली ने माना कि यूके की यील्ड कर्व में तेज़ ढलान की मुख्य वजह वैश्विक कारक थे। उन्होंने संकेत दिया कि यूके में ब्याज दरों में गिरावट का रुझान जारी रहने की संभावना है। BoE की अधिकारी लोम्बार्डेली ने कहा कि तटस्थ ब्याज दर 2-4% की सीमा के ऊपरी आधे हिस्से में रहने की संभावना है। ऑस्ट्रेलिया में, रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की गवर्नर मिशेल बुलॉक ने चेतावनी दी कि मज़बूत व्यापार संतुलन डेटा और घरों के रिकॉर्ड खर्च के आंकड़ों के बावजूद, अभी ब्याज दरों में कटौती नहीं हो सकती है।

OPEC+ के इस सप्ताहांत अतिरिक्त उत्पादन बढ़ाने पर विचार कर सकने की खबर के बाद तेल की कीमतों में शुरुआत में गिरावट आई। हालांकि, बाद की खबरों के अनुसार OPEC ने अगस्त में ही प्रतिदिन 400,000 बैरल उत्पादन बढ़ा दिया था, जो तय उत्पादन बढ़ोतरी के अनुरूप था। इससे तेल की कीमतों पर दबाव बना रहा। चीन से बिकवाली के कारण सोने की कीमतें अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे आईं। इस बीच, कमजोर अमेरिकी डॉलर और S&P 500 में MicroStrategy को शामिल किए जाने की संभावना को लेकर अटकलों से क्रिप्टोकरेंसी में बढ़त आई। इस बारे में जल्द घोषणा होने की उम्मीद है।

अमेरिकी शेयर बाज़ार में Nasdaq और S&P 500 ने दो दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला तोड़ा, जबकि Dow Jones में मध्यम बढ़त दर्ज हुई। हालांकि, कमाई के अनुमान से बेहतर नतीजे देने के बावजूद Salesforce के शेयर आफ्टर-मार्केट ट्रेडिंग में 5.58% गिर गए। इसकी वजह कंपनी का राजस्व अनुमान बाज़ार की अपेक्षाओं से कमज़ोर होना था।

करेंसी बाज़ारों में, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) एक सप्ताह के उच्च स्तर से नीचे आया, हालांकि गुरुवार की शुरुआत में इसमें उछाल आया। यूरोपीय संघ की राजनीतिक अनिश्चितता और EU तथा जर्मनी, दोनों के अगस्त के PMI आंकड़े उम्मीद से कमज़ोर रहने के बीच EURUSD पर दबाव बना रहा। आर्थिक चिंताओं के चलते GBPUSD में भी नरमी आई। वहीं, बेहतर आंकड़ों और उनके केंद्रीय बैंकों के कम डोविश रुख के बावजूद AUDUSD और NZDUSD में खास बढ़त नहीं हुई। दूसरी ओर, USDCAD ने लगातार चौथे दिन बढ़त दर्ज की। इसकी एक वजह तेल की कमज़ोर कीमतें रहीं, जिनका कनाडा की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ा। अमेरिका-कनाडा के बीच जारी तनाव ने भी इसमें योगदान दिया।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शेयरों में गिरावट रही। चीनी शेयरों में सबसे अधिक गिरावट आई, जबकि वैश्विक बॉन्ड यील्ड सीमित दायरे में बनी रही।

EURUSD अहम आँकड़ों से पहले सतर्क

हाल के कमजोर EU आंकड़ों और EU-US के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव से EURUSD पेयर पर दबाव बना हुआ है और लगातार दूसरी साप्ताहिक गिरावट की आशंका है। EU और US, दोनों के अहम आंकड़े जारी होने से पहले की चिंताएं भी गिरावट के दबाव को बढ़ा रही हैं। इनमें EU Retail Sales, US ADP Employment Change, Jobless Claims और ISM Services PMI शामिल हैं। इसके अलावा, वैश्विक टेक दिग्गज EU के टेक्नोलॉजी टैक्स और कड़े IT नियमों का विरोध करने के लिए US समेत अपनी सरकारों से लॉबिंग कर रहे हैं। इससे अगस्त में मज़बूत प्रदर्शन के बावजूद EURUSD पर दबाव और बढ़ रहा है।

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GBPUSD निचले स्तरों पर बना हुआ है, USDJPY में रिकवरी

EURUSD की तरह, UK में बढ़ती आर्थिक चिंताएँ GBPUSD पर गिरावट का दबाव डाल रही हैं। 30 साल के ब्रिटिश बॉन्ड यील्ड में तेज़ उछाल के बाद यह दबाव और बढ़ा है, जिससे यह लगातार तीसरी साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहा है। बुधवार को अगस्त के UK S&P PMI के अंतिम आँकड़े उम्मीद से बेहतर रहे और 50.00 के तटस्थ स्तर से ऊपर बने रहे। हालांकि, सप्ताह की शुरुआत में बॉन्ड बाज़ार की चिंताओं और उसके बाद Bank of England (BoE) के अधिकारियों—जिनमें गवर्नर Andrew Bailey भी शामिल हैं—की टिप्पणियों से संदेह बढ़ा है। इससे ट्रेडर अर्थव्यवस्था के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

इस बीच, USDJPY में गति लौटी और यह पिछले दिन पांच हफ़्तों के उच्च स्तर से आई गिरावट से उबरा। हालांकि, यह 200-दिवसीय मूविंग एवरेज को पार नहीं कर पाया और तीन दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया। अमेरिकी डॉलर में नई बढ़त, बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी को लेकर मिली-जुली चिंताएं और अमेरिका-जापान के बीच जारी व्यापारिक तनाव इस पेयर को सहारा दे रहे हैं। इन कारकों के साथ येन की पारंपरिक सुरक्षित निवेश की छवि और तकनीकी रेज़िस्टेंस स्तरों के कारण खरीदारों के लिए इस पेयर को और ऊपर ले जाना मुश्किल हो रहा है।

ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर में मिला-जुला कारोबार

RBA गवर्नर Bullock की सख्त रुख वाली टिप्पणियों और ट्रेड बैलेंस व घरेलू खर्च के मज़बूत आंकड़ों से AUDUSD को खास समर्थन नहीं मिला। गुरुवार की शुरुआत में इसने बुधवार की बढ़त गंवा दी। चीन से आई नई खबरों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव पड़ा। इनमें शेयरों पर सख्त पाबंदियां, अमेरिकी फाइबर-ऑप्टिक केबलों पर एंटी-डंपिंग शुल्क और मज़बूत आंकड़ों व प्रोत्साहन उपायों के बावजूद चीन की आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने की क्षमता पर चिंताएं शामिल हैं। इसी तरह NZDUSD भी नीचे आया और अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष की चाल पर चला। यह गिरावट ऐसे समय आई जब रिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड (RBNZ) का नरम रुख हाल में कम हुआ था।

इस बीच, USDCAD लगातार चौथे दिन बढ़कर साप्ताहिक उच्च स्तर पर पहुँच गया। इसके पीछे कच्चे तेल की नरम कीमतें—जो कनाडा का एक प्रमुख निर्यात है—अमेरिका-कनाडा संबंधों को लेकर बढ़ती चिंताएँ और बैंक ऑफ़ कनाडा (BoC) का नरम रुख शामिल हैं। कनाडाई डॉलर की इस जोड़ी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की हालिया आशावादी टिप्पणियों पर ध्यान नहीं दिया। ट्रेडर्स कनाडा के व्यापार आंकड़ों और शुक्रवार को जारी होने वाली अमेरिका-कनाडा रोज़गार रिपोर्टों से पहले सतर्क बने हुए हैं।

कच्चा तेल फिसला, सोना पीछे हटा

Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को कच्चे तेल में पांच हफ़्तों की सबसे बड़ी गिरावट आई और गुरुवार की शुरुआत में भी इस पर दबाव बना हुआ है। इसकी वजह OPEC द्वारा सप्लाई बढ़ाए जाने की चिंताएं हैं। API की निजी उद्योग रिपोर्ट के मुताबिक, साप्ताहिक इन्वेंटरी में अप्रत्याशित बढ़ोतरी से भी कीमतों पर दबाव पड़ा है। इसके अलावा, वैश्विक व्यापार और राजनीतिक चुनौतियों के कारण मांग घटने की आशंका और रूस के तेल निर्यात में बढ़ोतरी की अटकलें भी कीमतों पर दबाव बनाए हुए हैं। यह तब है, जब मॉस्को ने अपने ताज़ा तेल निर्यात में 6% की गिरावट की जानकारी दी है।

लगातार सात दिनों की बढ़त के बाद सोने में पहली दैनिक गिरावट दर्ज हुई। गुरुवार और शुक्रवार को आने वाले अमेरिका के कई अहम आंकड़ों से पहले बाज़ार में कंसोलिडेशन के बीच, सोना अपने अब तक के उच्चतम स्तर $3,578 से गिरकर $3,533 पर आ गया। ओवरबॉट टेक्निकल इंडिकेटर्स ने भी इस गिरावट को बढ़ावा दिया। हालांकि, गिरावट के बावजूद सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की स्थिति इसे सहारा दे रही है और संस्थागत मांग बढ़ रही है। $3,490 के रेज़िस्टेंस लेवल से ऊपर स्पष्ट ब्रेक खरीदारों में फिर उत्साह ला सकता है और आउटलुक को सकारात्मक बनाए रख सकता है।

क्रिप्टो में तेजी के बाद ठहराव, शेयर बाज़ार में नरमी

अमेरिकी डॉलर में मजबूती और ECB अध्यक्ष Christine Lagarde द्वारा क्रिप्टोकरेंसी के सख्त नियमन की ज़रूरत पर ज़ोर दिए जाने के बीच Bitcoin (BTC) और Ethereum (ETH) में क्रमशः चार और तीन दिनों में पहली दैनिक गिरावट दर्ज हुई। हालांकि, क्रिप्टो मीडिया में चल रही अटकलों कि Michael Saylor की MicroStrategy (Nasdaq: MSTR) को जल्द ही S&P 500 में शामिल किया जा सकता है—जिसकी घोषणा शुक्रवार को होने की उम्मीद है—ने बाज़ार में कुछ आशावाद बनाए रखने में मदद की।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शेयरों में हल्की गिरावट आई। चीन में बुलबुले की चिंताओं के बीच शेयर बाज़ार की तेज़ी पर लगाम लगाने की कोशिशों से निवेशकों का रुख प्रभावित हुआ। कारोबार बंद होने के बाद Salesforce के शेयरों में आई गिरावट और Broadcom, Copart तथा Lululemon के तिमाही नतीजों से पहले सतर्कता ने भी बाज़ार पर असर डाला।

प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव

  • पाँच हफ़्तों की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट के बाद WTI क्रूड ऑयल $63.50 के आसपास दबाव में बना हुआ है।
  • सोना रिकॉर्ड ऊँचाई से पीछे हटा और सात दिनों की तेज़ी थम गई। प्रेस समय तक दिन में 1.0% गिरकर यह $3,525 पर आ गया।
  • साप्ताहिक उच्च स्तर से पिछले दिन की गिरावट के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में खरीदारी लौटी है। लिखे जाने के समय यह 98.25 के आसपास हल्की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।
  • वॉल स्ट्रीट में कारोबार मिलाजुला रहा, हालांकि माहौल ज्यादातर सकारात्मक था। अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में मामूली बढ़त दर्ज की गई। वहीं, एशिया-प्रशांत के शेयर बाजारों में कमजोरी रही, जबकि शुरुआती कारोबारी घंटों में यूरोप और ब्रिटेन के शेयर बाजारों की दिशा स्पष्ट नहीं थी।
  • बिटकॉइन और एथेरियम में पिछली बढ़त थम गई। ताज़ा कारोबार में दोनों 1.0% से अधिक की इंट्राडे गिरावट के साथ क्रमशः $110,600 और $4,360 के आसपास थे।

आगे का दिन व्यस्त रहने वाला है…

कुल मिलाकर, बॉन्ड यील्ड में नरमी से मंदी की आशंकाएं कम हुईं और बाज़ार का सेंटीमेंट थोड़ा बेहतर हुआ। कमज़ोर अमेरिकी आंकड़ों और Fed की टिप्पणियों ने भी सतर्क आशावाद को समर्थन दिया। हालांकि, भू-राजनीतिक जोखिमों—खासकर चीन से जुड़े जोखिमों—और अमेरिका में राजनीतिक तनाव ने बाज़ार की बढ़त को सीमित रखा। OPEC के उत्पादन में बढ़ोतरी की आशंकाओं से तेल की कीमतों पर दबाव रहा, जबकि तकनीकी कारकों के चलते सोना रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे आया। क्रिप्टोकरेंसी में कुछ ठहराव आया, हालांकि MicroStrategy के S&P 500 में शामिल होने की संभावना को लेकर अटकलों ने कुछ आशावाद बनाए रखने में मदद की।

आगे चलकर, बाजारों की नज़र अमेरिका और यूरोपीय संघ के अहम डेटा पर रहेगी। इसमें रोज़गार रिपोर्ट और आर्थिक गतिविधि के संकेतक शामिल हैं। भू-राजनीतिक तनाव और बॉन्ड बाजार में आगे होने वाले घटनाक्रम भी बाजार की धारणा को प्रभावित करते रहेंगे। आर्थिक स्थिति के और स्पष्ट संकेत मिलने तक सतर्क रुख बने रहने की उम्मीद है।

इसके बावजूद, अमेरिकी डॉलर हाल की मजबूती बनाए रख सकता है, जिससे EURUSD, सोने और ऑस्ट्रेलियाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर (AUD और NZD) पर दबाव और बढ़ सकता है। अगर रेज़िस्टेंस कायम रहता है, तो USDJPY में सेलर्स की दिलचस्पी बढ़ सकती है। हालांकि, क्रिप्टोकरेंसी पर उद्योग-विशेष रिपोर्टों और बाज़ार की धारणा का असर हो सकता है, इसलिए उनका रुख अलग रह सकता है और वे व्यापक रुझानों से अलग चल सकती हैं।

प्रमुख एसेट्स के पूर्वानुमान

  • तेज़ी की चाल की उम्मीद: USDCAD, USDJPY
  • आगे और गिरावट की संभावना: USDCHF, सोना
  • बाज़ार में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव की उम्मीद: Nasdaq, DJI30, USDCNH, AUDUSD, NZDUSD, GBPUSD, अमेरिकी डॉलर, BTCUSD, ETHUSD, कच्चा तेल
  • धीरे-धीरे गिरावट की उम्मीद: DAX, FTSE 100, EURUSD

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