Scan & Get our app!
Get our app!
Download our app and stay connected on the go.
Scan & Get our app!
Scan QR-code to download our app and stay connected on the go.
जोखिम के लिहाज़ से नकारात्मक टैरिफ से जुड़ी बड़ी खबरें न आने से बाज़ार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ और अमेरिकी डॉलर पर दबाव पड़ा।
US टैरिफ पर China की सीमित प्रतिक्रिया और Gaza तथा Ukraine में भू-राजनीतिक तनाव कम होने से मंगलवार को बाज़ार का सेंटिमेंट बेहतर हुआ।
सोमवार को कनाडा, मेक्सिको और चीन पर ट्रंप के टैरिफ़ की खबरों से अमेरिकी डॉलर में तेज़ी आई और बाज़ार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा, मेक्सिको और चीन के साथ लंबे समय से चर्चा में रहे टैरिफ़ युद्ध की आधिकारिक शुरुआत कर दी है।
ट्रंप की टैरिफ़ धमकियों, अमेरिका के मिलेजुले आँकड़ों, भू-राजनीतिक तनाव और चीन तथा भारत से बढ़ती मांग के चलते शुक्रवार की शुरुआत तक सोना $2,800 के अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया।
FOMC के आसपास बढ़ी अस्थिरता के बाद, आज ECB के ब्याज दर फ़ैसले और जर्मनी, यूरोज़ोन तथा अमेरिका की Q4 GDP रिपोर्टों से पहले बाज़ारों में लिक्विडिटी कम है।
बुधवार को जोखिम लेने की धारणा डगमगाई हुई है, क्योंकि ट्रेडर फेडरल रिज़र्व (Fed) और बैंक ऑफ़ कनाडा (BoC) की मौद्रिक नीति घोषणाओं समेत प्रमुख घटनाओं की तैयारी कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और आने वाले वित्त मंत्री Scott Bessent ने टैरिफ़ पर चर्चा को केंद्र में रखा, जिससे बाज़ार का रुझान कमज़ोर हुआ।
डोनाल्ड ट्रंप का कोलंबिया के साथ ट्रेड वॉर, चीन के निराशाजनक आर्थिक आँकड़े और रूस-यूक्रेन शांति वार्ता को लेकर बढ़ते संदेह ने वैश्विक अनिश्चितता बढ़ा दी।
बैंक ऑफ जापान (BoJ) की ब्याज दर में बढ़ोतरी से बाज़ार में जोखिम लेने का रुझान और बढ़ा। इससे अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई।
अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में अपने तीसरे दिन, ट्रंप ने व्यापार टैरिफ और वैश्विक मुद्दों पर अपना सख्त रुख दोहराने के लिए X (पहले Twitter) का सहारा लिया। साथ ही, उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर में अधिक निवेश की वकालत की।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से टैरिफ़ पर कोई बड़ा नया अपडेट न आने से अमेरिकी डॉलर में तेज़ी की उम्मीद कर रहे ट्रेडर्स पर दबाव पड़ा, जबकि Europe, China, Canada और Mexico के खिलाफ़ उनकी बयानबाज़ी सख्त रही।