
इस सप्ताह के अहम अमेरिकी डेटा और घटनाओं का इंतज़ार करते हुए, मंगलवार की शुरुआत में बाज़ार का रुख सतर्क बना हुआ है। मध्य पूर्व, रूस और चीन से जुड़ी हाल में बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताएं भी जोखिम लेने की इच्छा को कम कर रही हैं।
इसके बावजूद, बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बीच अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना हुआ है। इससे प्रमुख करेंसी पेयर्स सप्ताह की शुरुआत में आई रिकवरी को बनाए रख पा रहे हैं। हालांकि, कमोडिटीज़ का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, क्योंकि गोल्ड और कच्चे तेल में गिरावट आई।
दूसरी ओर, EURUSD पिछले दिन की रिकवरी को बनाए रखने में जूझ रहा है, क्योंकि यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के ज़्यादातर अधिकारी ब्याज दरों में जल्द कटौती के संकेत दे रहे हैं। वहीं, बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) को लेकर मिली-जुली चिंताओं और जापान के निराशाजनक डेटा के बीच USDJPY में भी ज़्यादा हलचल नहीं है। इसके अलावा, बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) के एक नीति-निर्माता की सोमवार की हॉकिश टिप्पणियों से GBPUSD में मामूली बढ़त हुई, जबकि AUDUSD और NZDUSD दबाव में बने हुए हैं।
दूसरी ओर, स्पॉट ETF को मंज़ूरी मिलने के बाद क्रिप्टो बाज़ार में बड़े पैमाने पर पूंजी आने के बीच BTCUSD और ETHUSD में लगातार तीन दिनों से तेज़ी का रुझान रहा।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



US Dollar Index (DXY) पिछले दिन ट्रेज़री बॉन्ड यील्ड में गिरावट के साथ छह सप्ताह के उच्च स्तर से नीचे आने के बाद दबाव में बना हुआ है। इस बीच, छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर का प्रदर्शन मापने वाला सूचकांक पिछले सप्ताह की बढ़त को बनाए हुए है। ऐसा मिला-जुला डेटा और Fed अधिकारियों की फीकी टिप्पणियों के बीच हो रहा है। हालांकि, आज के अहम आंकड़ों से पहले सतर्क माहौल और भू-राजनीतिक चिंताएं US Dollar को सहारा दे रही हैं।
सोमवार को Chicago Fed National Activity Index के उम्मीद से बेहतर आँकड़े और Atlanta Fed के अध्यक्ष Raphael Bostic की सख़्त मौद्रिक नीति के समर्थन वाली टिप्पणियाँ US Dollar में तेज़ी की उम्मीद रखने वालों को उत्साहित नहीं कर सकीं। हालाँकि, US सत्र के दौरान जोखिम लेने की इच्छा कमजोर हुई और इसके बाद डॉलर में गिरावट की उम्मीद रखने वालों के लिए चुनौती खड़ी हुई।
इसके अलावा, US Housing Starts, Building Permits और Dallas Fed Manufacturing Index के निराशाजनक आंकड़ों ने भी अमेरिकी डॉलर पर दबाव डाला। साथ ही, फेडरल रिज़र्व की गवर्नर Lisa Cook की बार-बार की गई टिप्पणियों से संकेत मिला कि Fed दरों में कटौती टाल सकता है। इससे पिछले दिन डॉलर को पिछले हफ़्ते की तेज़ बढ़त आगे जारी रखने से भी रोक लगी।
इसके अलावा, सोमवार देर रात कई ऐसी सुर्खियों ने अमेरिकी डॉलर में गिरावट की उम्मीद कर रहे ट्रेडर्स के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं, जो जोखिम लेने की भावना के लिए नकारात्मक थीं। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, हूतियों ने रूसी तेल ले जा रहे चीन-संचालित टैंकर पर हमला किया, जबकि रूस और चीन, दोनों के लाल सागर में सक्रिय इस सैन्य समूह के साथ समझौते हैं। इसके अलावा, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मॉस्को में सप्ताहांत हुए हमले के लिए कट्टरपंथी इस्लामवादियों को ज़िम्मेदार ठहराया। इसे पिछले दो दशकों में देश पर हुआ सबसे बड़ा हमला माना गया। AP की खबर के मुताबिक, चीनी तटरक्षक बल ने फिलीपीन नौसेना के कर्मीदल पर वॉटर कैनन से हमला किया। इसी बीच, न्यूयॉर्क फ़ेडरल रिज़र्व के एक शोधपत्र में अनुमान लगाया गया कि चीन में कर्ज़ के सहारे विनिर्माण गतिविधि में तेज़ी आने से अमेरिकी महंगाई बढ़ सकती है। इससे फ़ेडरल रिज़र्व के अधिकारियों के ब्याज दरों में कटौती टालने के पक्ष को समर्थन मिलता है और अमेरिकी डॉलर को सहारा मिलता है।
सोमवार को अमेरिकी डॉलर नरम पड़ा, जबकि सोने की कीमत ने लगातार दो दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा। वहीं, आपूर्ति में भारी कमी की आशंका से कच्चे तेल में तेज़ उछाल आया। पहले बताए गए भू-राजनीतिक तनावों के अलावा, रूस द्वारा कंपनियों को OPEC+ के उत्पादन कटौती समझौते का लक्ष्य पूरा करने के लिए तेल उत्पादन घटाने का आदेश देने की खबर ने ऊर्जा कीमतों को और सहारा दिया, खासकर अमेरिकी डॉलर में गिरावट के बीच।
दूसरी ओर, न्यूज़ीलैंड के विदेश मंत्री Winston Peters ने चीन पर संसद की हैकिंग का आरोप लगाया, जिससे भू-राजनीतिक चिंताएं फिर बढ़ गईं। हालांकि, कमजोर अमेरिकी डॉलर और एशिया-पैसिफ़िक क्षेत्र में सतर्क आशावाद ने NZDUSD को सोमवार को चार महीने के निचले स्तर से आई सुधारात्मक उछाल को आगे बढ़ाने में मदद की। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया का मासिक Westpac Consumer Confidence Index फरवरी में दर्ज 6.2% से घटकर मार्च में -1.8% पर आ गया। इससे कमजोर अमेरिकी डॉलर के बावजूद AUDUSD की हफ़्ते की शुरुआत की रिकवरी आगे नहीं बढ़ पाई।
ध्यान देने वाली बात है कि ECB के Panetta और Lane, दोनों ने ब्याज दरों में कटौती करीब आने के संकेत दिए और यूरोज़ोन के मिले-जुले डेटा के बीच EURUSD के खरीदारों को चुनौती दी। दूसरी ओर, BoE के Mann ने दरों में कटौती देर से करने के पक्ष में अपनी राय दोहराई और UK की आर्थिक मजबूती को लेकर बढ़ती चिंताओं के बावजूद GBPUSD के बुल्स का बचाव किया। दिन की शुरुआत में, अप्रैल के लिए जर्मनी का GfK Consumer Confidence बेहतर हुआ, जिससे यूरो पेयर में मामूली तेज़ी आई। वहीं, जापान के फरवरी के Corporate Service Price Index में कोई बदलाव नहीं हुआ और कमज़ोर यील्ड ने USDJPY की चाल को सीमित रखा।
आगे, अमेरिकी Durable Goods Orders और CB Consumer Confidence के आंकड़ों पर ट्रेडर्स की नज़र रहेगी। इन आंकड़ों के मज़बूत रहने से फेड के सख्त रुख को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं और अमेरिकी डॉलर को उबरने में मदद मिल सकती है। हालांकि, जून में फेड की दरों में कटौती की संभावना को लेकर बाज़ार का सहज होना डॉलर के खरीदारों के लिए चुनौती बन सकता है, जब तक कि बताए गए आंकड़ों या घटनाओं में कोई बड़ा सकारात्मक बदलाव न आए।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!