
मंगलवार की शुरुआत में चीन से प्रोत्साहन उपायों की उम्मीद बढ़ने के साथ जोखिम का माहौल बेहतर हुआ। प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीति में बदलाव की संभावना को लेकर चर्चाओं और बुधवार को होने वाले Federal Reserve (Fed) के मौद्रिक नीति बैठक के फ़ैसलों से पहले बाज़ार के समेकन ने इस सकारात्मक रुख को और मज़बूती दी। ध्यान देने योग्य है कि आर्थिक कैलेंडर हल्का होने से अमेरिकी डॉलर की तेज़ी पर दांव लगाने वालों को पाँच दिन की बढ़त के बाद थोड़ी राहत मिली।
अमेरिकी डॉलर की गिरावट से कमोडिटी की हालिया हानियां कुछ कम हुईं, जबकि चीन से जुड़ी खबरों ने ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर के साथ-साथ गोल्ड और क्रूड ऑयल की कीमतों को अतिरिक्त सहारा दिया। ध्यान देने वाली बात है कि गोल्ड में लगातार पांच दिनों के बाद पहली बार दैनिक बढ़त दर्ज हुई, जबकि अधिक सप्लाई की आशंकाओं और पिछले दिन जारी कमजोर PMI के चलते ब्रेंट ऑयल पर दबाव बना हुआ है।
इसके बावजूद, AUDUSD जोखिम के बैरोमीटर के तौर पर अपनी भूमिका के अनुरूप अमेरिकी डॉलर के मुकाबले G10 मुद्राओं में बढ़त बनाए हुए है। वहीं, कच्चे तेल की कीमतें अमेरिकी डॉलर की वापसी को सहारा देने में नाकाम रही हैं, इसलिए USDCAD में खास हलचल नहीं है।
दूसरी ओर, क्रिप्टो मार्केट में निराशावाद बढ़ने के कारण BTCUSD और ETHUSD कमजोर अमेरिकी डॉलर से फ़ायदा नहीं उठा पा रहे हैं। पिछले दिन दर्ज किए गए 5 और 3 हफ़्तों के सबसे निचले स्तरों से उबरने की कोशिश के बीच, वे क्रमशः वहीं बने हुए हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



सप्ताह की शुरुआत में कमजोर PMI आंकड़ों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी के सिलसिले के जल्द खत्म होने की उम्मीदों को बढ़ावा दिया और सोमवार को बाजार के सेंटीमेंट को सहारा दिया। चीन की ओर से और प्रोत्साहन उपायों की चर्चा और युआन को बचाने की कोशिशों से आशावाद को बल मिला। इन कारकों के साथ कमजोर अमेरिकी PMI आंकड़ों ने अमेरिकी डॉलर पर दबाव डाला, जबकि कमोडिटी और एंटीपोडियन करेंसी जैसी जोखिम वाली परिसंपत्तियों ने पिछले सप्ताह का नुकसान घटाया।
चीन से जुड़ी खबरों और केंद्रीय बैंकों को लेकर चिंताओं के अलावा, बड़े आंकड़ों या घटनाओं की कमी ने भी मंगलवार को जोखिम लेने वाले ट्रेडर्स को राहत दी। इसके साथ ही, FED के फैसले से पहले बाज़ारों में स्थिरता आने से ट्रेडर्स को हालिया उतार-चढ़ाव कम करने का मौका मिला।
क्रिप्टो की बात करें तो, Bitcoin को वैध मुद्रा का दर्जा दिए जाने को लेकर IMF की चिंताएँ और वर्ल्ड कॉइन्स में आई गिरावट हाल के दिनों में BTCUSD और ETHUSD की कीमतों पर दबाव डाल रही हैं।
दिन की शुरुआत में सकारात्मक माहौल देखने के बाद, बाज़ार के प्रतिभागियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि अपेक्षाकृत हल्के आर्थिक कैलेंडर में जर्मनी और अमेरिका के सेंटीमेंट आँकड़े शामिल हैं। फिर भी, निर्धारित आँकड़ों के मज़बूत रहने से अमेरिकी डॉलर को ऊपर की ओर गति फिर से हासिल करने और Fed की बैठक के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद मिल सकती है। वहीं, आँकड़ों में और निराशा से सोने और कमोडिटीज़ को बढ़त बनाए रखने में मदद मिलेगी। सबसे बढ़कर, Fed से पहले की घबराहट बाज़ार की चाल को सीमित कर सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!