
बुधवार की शुरुआत में इस सप्ताह के अहम डेटा और घटनाओं के जारी होने से पहले बाज़ार के प्रतिभागी सतर्क हैं। इससे अमेरिकी महंगाई और Federal Reserve (Fed) के अगले कदमों को लेकर मिली-जुली राय के बीच बाज़ार की गति सीमित रहती है। इससे अमेरिकी डॉलर अपनी पिछली बढ़त बनाए रखने में कामयाब है, हालांकि उसमें आगे बढ़ने की गति नहीं है। पिछले सप्ताह की मजबूत अमेरिकी रोज़गार रिपोर्ट और हाल ही में अमेरिका के लिए World Bank (WB) की सकारात्मक रिपोर्ट के बाद यह खास तौर पर देखने को मिला है।
अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व (Fed) के अधिकारियों की टिप्पणियाँ भले ही ज़्यादातर हॉकिश दिख रही हों, लेकिन यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की हालिया दर कटौती EURUSD पर नीचे की ओर दबाव डाल रही है। यह दबाव छह हफ़्तों के निचले स्तर से हालिया सुधारात्मक उछाल के बावजूद बना हुआ है। फ़्रांस और जर्मनी में राजनीतिक अनिश्चितता भी यूरो पर दबाव डाल रही है। इसके अलावा, USDJPY लगातार चौथे दिन चढ़ा और एक हफ़्ते के उच्चतम स्तर के करीब पहुँच गया। ट्रेडर्स शुक्रवार को बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) के संभावित हॉकिश ठहराव की तैयारी कर रहे हैं।
इसके उलट, जुलाई के चुनावों से पहले UK के ज़्यादातर निराशाजनक आंकड़ों और राजनीतिक चिंताओं के बावजूद GBPUSD में लगातार तीसरे दिन बढ़त दर्ज हुई। चीन से मिले प्रोत्साहन के और संकेतों तथा महंगाई के मिले-जुले आंकड़ों के बाद, खबर लिखे जाने तक AUDUSD और NZDUSD में भी दिन के दौरान बढ़त रही। दूसरी ओर, USDCAD दो महीने के उच्च स्तर पर पिछले दिन बने Doji के अनुरूप दिन के दौरान गिरा। Loonie जोड़ी की हालिया बढ़त का संबंध Crude Oil की कीमतों में आई तेज़ी से हो सकता है, जो कनाडा का मुख्य निर्यात है।
अमेरिका के साप्ताहिक भंडार में अप्रत्याशित गिरावट और Energy Information Administration (EIA) के ऊर्जा मांग के आशावादी पूर्वानुमान साथ आने से Crude Oil ने महीने का नया उच्च स्तर बनाया। दूसरी ओर, वैश्विक आर्थिक मुश्किलों, चीन की रिकवरी को लेकर संदेह और Fed की दर कटौती में देरी की बढ़ती चिंताओं के बीच Gold की कीमत सप्ताह की शुरुआत में कई दिनों पुराने सपोर्ट से मिली रिकवरी गंवा रही है।
पिछले दिन भारी गिरावट दर्ज करने के बाद BTCUSD और ETHUSD, दोनों में सुधारात्मक उछाल दिखा। हालांकि, WWDC में Apple की नाकाम कोशिश और टेक्निकल ब्रेकडाउन को क्रिप्टोकरेंसी में हाल की गिरावट की वजह माना जा रहा है।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



मई के Consumer Price Index (CPI) और Federal Reserve (Fed) की मौद्रिक नीति संबंधी घोषणाओं से पहले US Dollar Index (DXY) बाज़ार के सतर्क रुख को दर्शाता है। छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति मापने वाला यह सूचकांक पिछले तीन दिनों की तेज़ी को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहा है।
हालांकि, चीन और World Bank (WB) की ताज़ा जानकारी, अमेरिकी केंद्रीय बैंक को लेकर सख़्त रुख के साथ मिलकर कीमतों को सहारा दे रही है। इसके अलावा, रूसी कंपनियों पर और प्रतिबंध लगाने की European Union (EU) की कोशिश और मध्य पूर्व, UK तथा यूरोप में भू-राजनीतिक तनाव जोखिम लेने की बाज़ार की इच्छा को कम करते हैं और अमेरिकी डॉलर को हालिया बढ़त बनाए रखने में मदद करते हैं।
World Bank (WB) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, “संक्षेप में, वैश्विक अर्थव्यवस्था सॉफ्ट लैंडिंग के अंतिम चरण में दिखाई देती है।” WB ने 2024 के लिए वैश्विक वृद्धि का अनुमान भी 2.4% से बढ़ाकर 2.6% कर दिया। इसकी मुख्य वजह US की वृद्धि रही, जो जनवरी के 1.6% के मुकाबले 2.5% रहने का अनुमान है। इन बातों ने Fed की ब्याज दरों में देरी से होने वाली कटौती को लेकर बढ़ती चिंताओं के साथ मिलकर US डॉलर की मांग को सहारा दिया होगा।
ध्यान दें कि अमेरिकी NFIB Small Business Optimism Index पांच महीने के उच्च स्तर पर पहुंचकर 89.7 से 90.5 हो गया। इससे आज के अहम महंगाई आंकड़ों और FOMC से जुड़े घटनाक्रमों से पहले अमेरिकी डॉलर महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
अमेरिका के मजबूत आंकड़ों और FOMC के आक्रामक रुख के अलावा, चीन और रूस से जुड़ी मिली-जुली खबरें भी सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग को सहारा दे रही हैं। हालांकि, जुलाई में होने वाले चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की केंद्रीय समिति के 20वें पूर्ण अधिवेशन में संकटग्रस्त हाउसिंग मार्केट के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन उपायों को लेकर चर्चाओं ने कमोडिटीज़ और एंटिपोडियन करेंसीज़ को निचला सहारा दिया। लेकिन मई में चीन का मासिक Consumer Price Index (CPI) और Producer Price Index (PPI) नरम पड़ा, जिससे जोखिम लेने का रुझान और कमोडिटीज़ व एंटिपोडियन करेंसीज़ में संभावित वापसी की उम्मीद प्रभावित हुई।
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने मौद्रिक नीति के बारे में स्पष्ट संवाद की कमी के लिए बैंक ऑफ़ कनाडा (BoC) की आलोचना की। खासकर इसलिए कि दर कटौती की घोषणा के बाद भी BoC ने सख़्त रुख का बचाव करने की कोशिश की। हालांकि, यह मज़बूत तेल कीमतों के विपरीत था और इससे USDCAD एक महीने के उच्च स्तर पर मंदी वाला डोजी बनाने की ओर बढ़ा। इसके चलते हाल में लूनी पेयर नीचे आया। इसी तरह, AUDUSD और NZDUSD में भी तेल कीमतों की हालिया बढ़त और चीन से और प्रोत्साहन मिलने की उम्मीदों का असर दिखा, क्योंकि चीन उनका प्रमुख ग्राहक है।
उद्योग के स्रोत American Petroleum Institute (API) की साप्ताहिक इन्वेंटरी रिपोर्ट से सपोर्ट मिलने के साथ-साथ 2024 और 2025 में ऊर्जा की माँग बढ़ने के EIA के अनुमान के बाद क्रूड ऑयल एक हफ़्ते के उच्च स्तर पर पहुँच गया। दूसरी ओर, Gold की कीमतों में बढ़त की रफ़्तार कम है, क्योंकि बाज़ार के ज़्यादातर जानकारों को Fed की ओर से ब्याज दरों में देरी से कटौती और अमेरिका की सॉफ्ट लैंडिंग की उम्मीद है। साथ ही, दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड ग्राहकों में से एक चीन की आर्थिक रिकवरी को लेकर मिली-जुली धारणा XAUUSD में तेज़ी की उम्मीद कर रहे ट्रेडर्स के लिए चुनौती बनी हुई है।
दूसरी ओर, वैश्विक रेटिंग एजेंसी Fitch ने देश के नेता द्वारा अचानक चुनाव की घोषणा के बाद फ़्रांस की राजकोषीय स्थिति और सुधारों को लेकर चिंता जताई। बाज़ार में ECB की ओर से और अधिक ब्याज दर कटौती की उम्मीदों के साथ, इस चिंता ने EURUSD पर दबाव डाला। आगे, मई में जापान के PPI में मज़बूत बढ़त दर्ज होने के बावजूद USDJPY मज़बूत बना हुआ है। इसकी वजह BoJ की बॉन्ड खरीद में कटौती पर व्यापक बहस और अधिकारियों की आगे ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर हिचकिचाहट हो सकती है। ध्यान देने वाली बात है कि ब्रिटेन के रोज़गार, औद्योगिक उत्पादन, विनिर्माण उत्पादन और मासिक GDP के ज़्यादातर निराशाजनक आँकड़े GBPUSD की बढ़त को रोक नहीं पाए।
आज के आर्थिक कैलेंडर में भारत के महंगाई के आंकड़ों और यूरोप व कनाडा के कई केंद्रीय बैंक अधिकारियों के भाषणों पर भी नज़र रहेगी। हालांकि, मुख्य ध्यान मई के अमेरिकी CPI और FOMC पर होगा, खासकर तब जब Fed ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में बनते रुझान को अपनाने में हिचकिचा रहा है।
इस बीच, अमेरिकी CPI से कीमतों के दबाव में कमी दिखने की संभावना है और इससे Fed को उम्मीद के मुताबिक मौजूदा मौद्रिक नीति का बचाव करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, महंगाई में अप्रत्याशित बढ़ोतरी FOMC सदस्यों और डॉट प्लॉट को 2024 में दरों में तीन कटौती की बाज़ार की उम्मीदों को खारिज करने में मदद कर सकती है और अमेरिकी डॉलर को मज़बूती दे सकती है। स्पष्ट संकेतों के लिए डॉट प्लॉट के अलावा पॉवेल के भाषण और अमेरिका के आर्थिक अनुमानों पर भी नज़र रखना अहम होगा।
बाज़ार को प्रभावित करने वाले बड़े कारकों को देखते हुए, ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे नतीजों का इंतज़ार करें और कोई बड़ा ट्रेड लेने से पहले विवरण ध्यान से पढ़ें, खासकर Gold की कीमतों के मामले में।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!